“न्यूज ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी (एनबीएसए) ने टीवी समाचार चैनल टाइम्स नाउ को राष्ट्रीय राजधानी में छेड़छाड़ की एक कथित घटना की खबर दिखाते हुए मीडिया ट्रायल करने और आरोपी को दोषी घोषित करने का दोषी पाया और उसपर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया। ”
उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश आरवी रवींद्रन समाचार प्रसारित करने वाले चैनलों द्वारा गठित स्वनियामक संस्था एनबीएसए के प्रमुख हैं। संस्था ने चैनल से टाइम्स नाउ पर दिखाए गए एक साक्षात्कार को लेकर खेद जताने से जुड़ा एक संदेश दिखाने के लिए भी कहा।

एनबीएसए ने अपने 15 पन्नों के विस्तृत आदेश में कहा कि उसे छेड़छाड़ की घटना के सिलसिले में चैनल द्वारा प्रसारित की गई खबर के संबंध में चार अलग-अलग शिकायतें मिली थीं। शिकायतें दिल्ली में छेड़छाड़ की एक कथित घटना को लेकर चैनल के संवाददाता के अनिच्छुक आरोपी के लगभग पीछा करने और साक्षात्कार लेने के तरीके और आक्रामक, धमकाने वाले एवं धौंस भरा तरीका अपनाने तथा चैनल द्वारा आरोपी को दोषी के तौर पर दिखाने वाले टैग लाइन के साथ साक्षात्कार के प्रसारण को लेकर की गईं।

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चैनल ने शिकायतों को लेकर अपने जवाब में एनबीएसए से कहा कि उसने पुलिस में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर और समाज की चिंताओं को ध्यान में रखकर घटना को दिखाया। चैनल ने इस बात पर भी जोर दिया कि उसका आरोपी को दोषी के तौर पर पेश करने का कोई इरादा नहीं था। एनबीएसए ने अपने आदेश में सूचना एवं प्रसारण मंत्री अरूण जेटली द्वारा हाल में दिए गए एक व्याख्यान के दौरान मीडिया ट्रायल को लेकर जताई गई चिंता की तरफ भी इशारा किया। संस्था ने कहा कि यह बेपरवाही है कि क्यों सार्वजनिक रूप से उत्साहित मीडिया कई बार अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ अपनी लड़ाई में सीमा पार कर जाती है। (outlookhindi)

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