नई दिल्ली। कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने रविवार को केंद्र सरकार पर हमला करते हुवे कहा कि 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट देना पुलिस अधिकारी हेमंत करकरे की शहादत का अपमान है। उन्होंने कहा कि, आरोपी अपना अपराध स्वीकार कर चुके थे और उसके बाद उन पर मकोका (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) लगाया गया था। ऐसे में यह शहीद हेमंत करकरे की स्मृति का अपमान है।

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शर्मा ने कहा, दुर्भाग्यवश करकरे देश को यह बताने के लिए हमारे बीच मौजूद नहीं हैं कि उन्होंने और उनकी टीम ने एक निष्पक्ष जांच की थी और आरोपियों ने अपने बयान में अपराध स्वीकार किए थे, और वे बयान आरोप-पत्र में मौजूद थे।

शर्मा ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा, आखिर सरकार ने अचानक यू-टर्न क्यों ले लिया। यह सरकार अपने से संबंधित संगठनों से जु़डे लोगों को बचाने की पूरी कोशिश कर रही है और कह रही है कि इन लोगों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे थे।

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महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) के प्रमुख हेमंत करकरे ने इस मामले की जांच की थी। मुंबई में 26/11 के आतंकी हमले में करकरे शहीद हो गये थे।


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