नई दिल्ली. भाजपा के काले कारनामे देर से सही पर सबके सामने आ रहे हैं। 2002 की एक खबर के हिसाब से 84 के सिख दंगों में 49 भाजपा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सदस्यों के खिलाफ FIR हुई थी। FIR हत्या, हत्या के प्रयास, और डकैती के मामलों में थी। ये खबर कितने सधे अंदाज़ में दबा दी गयी थी, जो अब एक RTI के खुलासे से और मजबूत होती है।

84 सिख दंगे के आरोपी 49 BJP और RSS सदस्यों पर कार्यवाही नहीं- RTI

AII द्वारा दिसंबर में दायर की एक RTI के अनुसार, मार्च 2015 में केंद्र द्वारा बनायीं गयी SIT जिसे सबूतों के आधार पर दोषियों के खिलाफ शिकायत दर्ज़ करके कार्यवाही के निर्देश दिए गए थे, ने अब तक एक भी व्यक्ति को घेरे में नही लिया है। SIT को ऐसा करने के लिए 6 महीने का वक़्त दिया गया था, जो अब साल भर हो गया है।

जब एक और RTI के द्वारा इसका कारण पूछा गया तो जवाब ही नही आया। पूरा घटनाक्रम साफ़ करता है कि भाजपा अपने कार्यकर्ताओं को बचाने के लिए उनकी ढाल बनकर खड़ी हो गयी है। जब सरकार ही इंसाफ की राह का सबसे बड़ा रोड़ा बन जाये, तो किससे क्या उम्मीद की जा सकती है। दिल्ली और पंजाब के लोग 84 का दर्द नही भूले हैं, और मोदी सरकार के इस कारनामे ने उस ज़ख्म को हरा कर दिया है। (newspoint360)


लाइक करें :-


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें

Facebook Comment

Related Posts

loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें