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भोपाल | दिवाली की रात भोपाल सेंट्रल जेल से भागे 8 सिमी सदस्यों के एनकाउंटर के बाद , इस पर बहुत सारे सवाल उठ रहे है. सबसे बड़ा सवाल यह है की आखिर इतनी संवेदनशील जेल से 8 कैदी कैसे भागे गए. इसके अलावा उन कैदियों ने जब रमाशंकर यादव पर हमला किया तब जेल के बाकी सुरक्षाकर्मी क्या कर रहे थे? रमाशंकर यादव को मारने के बाद जब कैदी वहां से भागे तो उनको किसी सुरक्षाकर्मी ने क्यों नही देखा? इसके अलावा गेट टावर पर खड़े सुरक्षाकर्मी की नजर से वो कैसे बचे?

एनकाउंटर पर सवाल उठने से पहले , सवाल इस पर उठाना चाहिए की जिस जेल में सिमी के 33 सदस्य कैदी बंद हो , जिस जेल में करीब साढ़े तीन हजार कैदी कैद हो , उस जेल की सुरक्षा में सेंध कैसे लगी. इसके अलावा जेल में अलगे CCTV कैमरे उसी दिन ख़राब हुए या पहले से ख़राब थे. अगर पहले से ही ख़राब थे , तो उनको ठीक करने के लिए कोई प्रयास क्यों नही किये गए.

इन सब सवालो के बीच आज खुलासा हुआ है की जेल की सुरक्षा में लगे करीब 80 सुरक्षाकर्मी जेल में मौजूद ही नही थे. एक खुलासे में पता चला की की 80 सुरक्षाकर्मी , उस दिन मंत्रियो और अधिकारियो के घर के बाहर ड्यूटी पर तैनात थे. इनमे से कुछ सुरक्षाकर्मी पूर्व जेल मंत्री के घर पर भी तैनात थे. इस खुलासे के बाद जब जेल मंत्री से इसके बारे में पुछा गया तो उन्होंने इन आरोपों को ख़ारिज करते हुए कहा की मेरे पास केवल एक ड्राईवर है और दो लोग मेरे ऑफिस में काम करते है.

जेल मंत्री कुसुम महदेले ने कहा की ये बचकाने आरोप है. उस दिन मेरे घर या कार्यालय में कोई सुरक्षाकर्मी तैनात नही था. बाकी सुरक्षाकर्मी कहा तैनात थे और उनको किसने ड्यूटी पर भेजा यह मुझे नही पता. यह जांच का विषय है और इसकी जांच हो रही है. बताया गया की उस दिन 80 सुरक्षाकर्मी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के घर और कार्यालय , जेल मंत्री कुसुम महदेले , पूर्व जेल मंत्री और जेल अधिकारियो के घर पर तैनात थे.

इसका मतलब यह है की उस दिन जेल में गिने चुने सुरक्षाकर्मी तैनात थे जिनके सर पर पूरी जेल की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी. ऐसे में उन आठ सिमी सदस्यों के लिए भागना आसान हो गया.


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