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दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का दम भरने वाला हमारा देश आजादी के 7 दशक बाद भी भुखमरी से नहीं निपट पाया हैं. मंगलवार को जारी की गई ग्लोबल हंगर इंडेक्स (जीएचआई) की रैंकिंग में भुखमरी से जूझ रहे देशों में भारत को 97वा स्थान मिला हैं.

118 देशों की रैंकिंग में भारत की कई पड़ोसी देश जैसे नेपाल (72वें), म्यांमार (75वें), श्रीलंका (84वें) और बांग्लादेश (90वें) स्थान के साथ बदतर स्थिति हैं. हालांकि पडोसी देश पाकिस्तान इस मामलें भी हमें पीछे नहीं छोड़ पाया हैं. पाकिस्तान इस लिस्ट में 107वें पायदान पर है.

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टाइम्‍स ऑफ इंडिया के मुताबिक, सबसे ताजा डाटा के आधार पर अपने शोध में 2016 के भारत का GHI इसलिए इतना गिरा हुआ है क्‍योंकि देश की लगभग 15 फीसदी आबाद कुपोषित है- पर्याप्त भोजन के सेवन में कमी, मात्रा और गुणवत्ता, दोनों में। 5 वर्ष से कम आयु के ‘वेस्‍टेड’ बच्‍चे करीब 15 प्रतिशत हैं जबकि ‘स्‍टंटेड’ बच्‍चों का प्रतिशत आश्‍चर्यजनक रूप से 39 प्रतिशत तक पहुंच गया है.

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इससे पता चलता है कि यह देश भर में संतुलित आहार की कमी की वजह से फैला हुआ है. 5 वर्ष से कम उम्र में शिशु मृत्‍यु दर भारत में 4.8 प्रतिशत है, जो कि अपर्याप्त पोषण और अस्वास्थ्यकर वातावरण का घातक तालमेल दिखाता है.


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