छत्तीसगढ़ के दंतेवाडा़ में हुए नक्सली हमले में सात जवान शहीद हो गए। यह जवान अपने साथी की जान बचाने के लिए नकले थे तभी ये नक्सलियों के बारूदी सुरंग का शिकार हो गए। दरअसल, ये जवान सेना के एक ऐसे कुत्ते की जान बचाने के लिए जा रहे थे जो पहले कई बार अपनी सूंधने की ताकत से जवानों की जान बचा चुका था।

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मिली जानकारी के अनुसार सीआरपीएफ का एक कुत्ता डिहाइड्रेशन का शिकार हो गया था। इसके बाद जवान उसे मेडिकल सहायता दिलाने के लिए अस्पताल ले जा रहे थे। वो जानते थे कि रास्ते में नक्सली उन पर हमला कर सकते हैं। इसलिए उन्होंने सीआरपीएफ की गाड़ी की बजाय एक टेम्पो में सफेद कपड़ों में सवार होकर निकले। हालांकि उनका ये निर्णय गलत साबित हुआ और नक्सलियों ने करीब 50 किलो विस्फोटकों का इस्तेमाल कर बारूदी सुरंग से टेम्पो को उड़ा दिया।

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जिस कुत्ते को जवान लेकर जा रहे थे वो बेल्जियन मैलिनॉइस नस्ल का स्निफर डॉग है। ये कुत्ता सुरक्षा बलों के लिए कई बार बारूदी सुरंगों का पता लगाकर उनकी जान बचा चुका था। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में बारूदी सुरंग विस्फोट में बुधवार को सीआरपीएफ के सात जवान शहीद हो गए थे। (News24)

 


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