नई दिल्ली | भारतीय जनता पार्टी, एक ऐसा राजनितिक दल जो पुरे देश में हिन्दुओ और उनकी आस्था के लिए आवाज उठाने के लिए जाना जाता है. इस दल के उदय के समय तो यह केवल हिन्दुओ की ही पार्टी मानी जाती थी लेकिन धीरे धीरे इन्होने भी सबका साथ और सबका विकास की बात करनी शुरू कर दी. लेकिन समय कितना भी बदल जाए ये दल आज भी कट्टर हिदुत्व विचारधारा का प्रतीक माना जाता है.

यही कारण है की हिन्दुओ में एक बड़ा तबका इनको वोट करता आया है. इस वोट बैंक को बनाए रखने के लिए यह दल लगातार हिन्दुओ की आस्था के मुद्दे उठाता रहा है जिससे उनको लगे की यह पार्टी उनके हितो की बात करने वाली पार्टी है. इसलिए देश में बीफ, गाय, गौतस्करी और बूचडखानो को लेकर इतनी चर्चा हो रही है. उत्तर प्रदेश में तो बीजेपी सरकार बनते ही अवैध बूचडखानो को बंद करने की एक मुहीम सी शुरू हो गयी.

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लेकिन एक आरटीआई के खुलासे के बाद बीजेपी पर एक कहावत बिलकुल सटीक बैठती है. हाथी के दांत खाने के कुछ और , दिखाने के कुछ और. दरअसल एक आरटीआई के जवाब से यह खुलासा हुआ है की केंद्र की बीजेपी सरकार ने विभिन्न राज्यों को बूचडखानो को प्रोत्साहन देने के लिए करीब 68 रूपए का अनुदान दिया है. यह पिछले तीन वित्त वर्षो के दौरान दी गयी राशी है.

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बूचडखानो को बंद कराने की बात कर हिन्दुओ के वोट को अपनी और करने के प्रयास करने वाली बीजेपी के बारे में यह खबर काफी लोगो के लिए चौकाने वाली है. बताते चले की दरभंगा के स्थानीय जदयू नेता इकबाल अंसारी ने आरटीआई के जरिये पुछा था की क्या देश में पशुओ का वध करने की मशीनों पर सब्सिडी का कोई प्रावधान है? इस आरटीआई के बारे में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय से जवाब आया की पशु वधशाला की स्थापना और आधुनिकरण के लिए एक योजना चलाई जा रही है.

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जवाब में आगे बताया गया की इस योजना के अंतर्गत अनुदान और सहायता के रूप में सरकार के अधीनस्थ स्थानीय निकायों , सार्वजानिक क्षेत्र के उपक्रमों , सहकारिता और बोर्ड को अदिकतम 15 करोड़ रूपए का अनुदान दिया जाता है. इस जवाब में आगे बताया गया की पिछले तीन वर्षो में विभिन्न राज्यों को करीब 68 करोड़ रूपए अनुदान के रूप में दिए गए है.


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