देश में बढ़ते उग्र राष्ट्रवाद के चलते अल्पसंख्यकों और दलितों को निशाना बनाये जाने को लेकर पूर्व 65 आईएएस अफसरों ने मोदी सरकार को खत लिखकर भगवा गुंडागर्दी के खिलाफ कारवाई की मांग की है.

हालिया घटनाओं का हवाला देकर चिट्ठी में कहा गया है कि गोरक्षा के नाम पर हुई हिंसा ने उनमें एक गहरी बेचैनी पैदा की है। इसने उन्हें अपनी बातें और शिकायतें रखने के लिए प्रेरित किया है. साथ ही ये भी कहा गया कि देश में बढ़ते अति राष्ट्रवाद ने आलोचकों को पक्ष या विपक्ष में देखने का माहौल पैदा कर दिया है.

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आईएएस अफसरों ने कहा कि देश में माँहौल ऐसा बना दिया गया है कि अगर आप सरकार के साथ नहीं है तो इसका मतलब आप राष्ट्र विरोधी हैं। साफ संदेश है कि कि जो सत्ता में हैं उनसे सवाल नहीं पूछे जा सकते.

उन्होंने सार्वजनिक संस्थाओं और संवैधानिक निकायों से अपील की है वे परेशान करने वाली इन प्रवृतियों की ओर ध्यान दें और इन्हें ठीक करने के कदम उठाएं.

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