नई दिल्ली | निजी कॉलेजो और यूनिवर्सिटीज की देश में बाढ़ आने के बाद शिक्षा के स्तर में काफी गिरावट देखने को मिली है. खासकर इंजीनियरिंग क्षेत्र में इसका ज्यादा असर देखने को मिला है. यही कारण है की पुरे देश में करीब 27 लाख इंजीनियरिंग की सीटे खाली है. इंजीनियरिंग की इतनी बुरी गत को देखते हुए आल इंडिया कौंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) ने देश के करीब 800 कॉलेजो को बंद करने का फैसला किया है.

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जब से AICTE ने इस बात की घोषणा की है तब से ही इस बात का इंतजार किया जा रहा है की आखिर वो कौन से कॉलेज है जिनको बंद कर दिया जाएगा. हालाँकि AICTE ने अभी तक कोई लिस्ट जारी नहीं की है. AICTE ने सभी कॉलेजो से सितम्बर के अंत में एक रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है जिसमे पिछले 5 सालो के एडमिशन की जानकारी मांगी गयी है.

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बताया जा रहा है की जिन कॉलेजो में पिछले 5 सालो से 30 फीसदी से काम एडमिशन हुए है उन सभी कॉलेजो को बंद कर दिया जाएगा. लेकिन इसी बीच खबर है की मोदी सरकार इसी साल 65 कॉलेजो को बंद कर रही है. सरकार ने इसकी एक लिस्ट भी जारी कर दी है. इस लिस्ट में देशभर के कॉलेजो के नाम है. सबसे ज्यादा कॉलेज तेलंगाना से है जिनको बंद किया जा रहा है.

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इसके बाद राजस्थान का नंबर है. वही उत्तराखंड से केवल एक ही कॉलेज का नाम सामने आया है. देहरादून स्थिति कुकरेजा इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी को बंद करने का फैसला किया गया है. बताते चले की अकेले उत्तराखंड में इंजीनियरिंग की हजारो सीट खाली ही. इस शैक्षिक सत्र में भी उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी की बेहद कम सीटे ही भर पायी है. यही हाल यहाँ के कुछ निजी यूनिवर्सिटीज का भी है.

देखे पूरी लिस्ट 


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