सड़क परिवहन मंत्रालय की और से जारी आकड़ो के अनुसार देश में रोजाना 400 लोग अपनी जान सड़क हादसों में गंवा देते है. भारत में हर घंटे 55 सड़क हादसे पेश आते है.

2016 में चार लाख 80 हजार 652 सड़क हादसे पेश आये, जिनमें एक लाख 50 हजार 785 लोगों की जानें गई और चार लाख 94 हजार से अधिक लोग घायल हुए. वहीँ साल 2015 में लगभग 1 लाख 46 हजार लोगों ने सडक हादसों में अपनी जान गंवाई थी.

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सडक हादसों में सबसे ज्यादा मौते 34.8 फीसदी दुपहिया वाहन पर सवार लोगों की हुई. इनमे टू-वीलर चलाते हुए मोबाइल इस्तेमाल करने के कारण 2138 लोग भी शामिल है. इसके अलावा गलत स्पीड ब्रेकर, सड़क पर गड्ढे और निर्माणाधीन सड़कों के चलते रोजाना 26 लोगों की मौत होती है.

इसके बाद 17.9 फीसदी वे लोग हैं, जो कार, टैक्सी, वैन या हल्के मोटर वाहन में सवार थे. इसी तरह से मरने वालों में 11.2 फीसदी लोग ट्रक में और 10.5 फीसदी लोग पैदल राहगीर थे. रिपोर्ट के अनुसार देश में सड़क दुर्घटनाओं में करीब 17 लोगों की जान हर घंटे जाती है.

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रिपोर्ट के अनुसार, सड़क पर गलत स्पीड ब्रेकर होने के चलते इस साल 3,396 लोग सड़क दुर्घटनाओं में मारे गए. वहीं 2,324 लोगों ने सड़क पर गड्ढे होने के चलते अपनी जान गंवा दी. इसके अलावा 3,878 लोग निर्माणाधीन सड़कों पर हुई दुर्घटनाओं में मौत का शिकार हुए.


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