“पंजाब के पठानकोट में एयरफोर्स स्टेशन पर आज सुबह बड़ा आतंकी हमला हुआ। आतंकियों के साथ करीब छह घंटे चले मुठभेड़ में 4 आतंकियों को मार गिराया जबकि 3 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए और 6 जवान जख्‍मी हैं। माना जा रहा है कि पांच से छह संदिग्ध पाकिस्‍तानी आंतकी भारतीय सीमा में घुसे और एयरफोर्स स्टेशन पर तीन तरफ से हमला किया। पिछले छह महीने में संदिग्ध पाकिस्‍तानी आतंकियों का यह तीसरा हमला है। ”

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि हमला आज सुबह 3 बजे हमला हुआ। सेना और पंजाब पुलिस ने इसका मुंहतोड़ जवाब दिया है। उन्‍होंने माना कि हमले में पाकिस्‍तानी आतंकियों के हाथ होने के सबूत मिले हैं। हमले के बारे में पहले से खुफिया जानकारी थी, जिससे इसका मुकाबला करने में मदद मिली। राजनाथ सिंह ने कहा कि हम शांति चाहते हैं लेकिन आतंकवाद का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

पठानकोट अभी भी ऑपरेशन जारी है और रूक-रूककर गोलीबारी हो रही है। एक या दो आतंकी एयरबेस के आस-पास छिपे हो सकते हैं। वायुसेना के हेलीकॉप्टर घटनास्थल पर निगरानी कर रहे हैं और लगातार फायरिंग की जा रही है। बृहस्पतिवार को सेना की वर्दी पहने कुछ आतंकियों ने पठानकोर्ट के पास गुरदासपुर के पुलिस अधीक्षक का अपहरण किया था जिसके बाद सुरक्षा प्रतिष्‍ठानों पर हमले का अलर्ट जारी किया गया। माना जा रहा है कि एयरबेस पर हमला करने वाले वही आतंकवादी हैं जिन्होंने कल गुरदासपुर के एसपी का अपहरण कर लिया था।

हमले की आशंका के चलते सतर्क सुरक्षा कर्मियों ने हमलावरों का जमकर मुकाबला किया और आतंकियों को वायुसेना स्टेशन के टेक्‍नीकल एरिया में नहीं पहुंच दिया। एयरफोर्स की कमांडो टीम ‘गरुड़’ भी ऑपरेशन में शामिल थी। आतंकियों को मार गिराने के लिए लड़ाकू हेलीकाॅप्टरों, एनएसजी कमांडो और एसडब्ल्यूएटी (स्वाट) के दलों को लगाया गया है। आतंकी आत्मघाती हमला करने और हवाई पट्टी पर पहुंचने की फिराक में थे। लेकिन जब हमले को अंजाम देने में नाकाम रहे तो उन्‍होंने ग्रेनेड फेंके और जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी।

हमले के बाद जम्मू, हिमाचल और चंडीगढ़ की ओर जाने वाली सड़कें सील कर दी गई हैं। जिस एयरफोर्स स्टेशन पर हमला हुआ वह मिग-29 और अटैक हेलीकॉप्टर का बेस और पाकिस्‍तान सीमा के सबसे नजदीक अग्रिम प‍ंक्ति का एयरबेस है। यहां से पाकिस्तान की सीमा महज 30 किलोमीटर दूर है। इस इलाके में एक के बाद एक आतंकी हमलों ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उठा दी है। राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल पूरे मामले पर नजर रखे हुए हैं। इस घटना के बाद देशभर में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डोभाल ने पाकिस्‍तान के राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार से भी बात की है।

लड़ाकू हेलीकाॅप्टरों का इस्तेमाल

पठानकोट में वायुसेना स्टेशन पर हमला करने वाले चार आतंकवादियों को मार गिराने के बाद कुछ घंटों की शांति के बाद दोबारा गोलीबारी की खबर है। इलाके में और आतंकियों के मौजूद होने के संकेत मिले हैं लेकिन आतंकियों की सही संख्या की पुष्टि नहीं हो पाई है। वायुसेना ने दो लड़ाकू हेलीकाॅप्टरों को अभियान में लगाया है जो उन इलाकों को निशाना बना रहे हैं जहां गोलीबारी का पता चला है। सुरक्षा बलों ने आतंकियों के ठिकाने का पता लगाने के लिए ड्रोन भी तैनात किए हैं।

सेना की वर्दी में आए आतंकी

मिली जानकारी के अनुसार, सेना की वर्दी पहने पांच से छह हमलावारों ने एक सरकारी गाड़ी में सवार होकर एयरफोर्स स्टेशन में घुसे और फिर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। इसके जवाब में सुरक्षा बलों ने भी जवाबी कार्रवाई की। इस तरह के हमले की आशंका पहले से जताई जा रही थी। इसलिए सेना, वायुसेना को अलर्ट किया गया था। पठानकोट एयरबेस पर सेना की दो टुकड़ियों को भी तैनात कर दिया गया था।

पाकिस्‍तान से घुसने का शक

पठानकाट एयरबेस हमले के पीछे आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का हाथ होने का संदेह जताया जा रहा है। पिछले पांच महीने में पठानकोट के आसपास यह संदिग्ध पाकिस्‍तान आतंकियों का दूसरा बड़ा हमला है। जुलाई में गुरदासपुर जिले के दीनानगर थाने पर भी सेना की वर्दी में आए आतंकियों ने इसी तरह का हमला किया था। गुरदासपुर हमले और पठानकोट में आज हुए आतंकी हमले में कई समानताएं हैं।

मोदी की लाहौर यात्रा के हफ्ते भर बाद बड़ा हमला 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अचानक लाहौर यात्रा के महज एक हफ्ते बाद वायुसेना के एयरबेस पर बड़ा आतंकी हमला हुआ है। हमले में संद‍िग्ध पाकिस्‍तानी आ‍तंकियों के शामिल होने का असर दोनों देशों के बीच समग्र वार्ता पर असर भी पड़ सकता है। प्रधानमंत्री मोदी बेहद गर्मजोशी दिखाते हुए जन्‍मदिन पर नवाज शरीफ को बधाई देने लाहौर में उनके घर गए थे। लेकिन वायुसेना के एयरबेस पर हमले के बाद मोदी सरकार की पाकिस्‍तान नीति पर भी सवालों के घेरे में आ गई है। अतीत में खुद भाजपा पाक प्रायोजित आतंकवाद और पाकिस्‍तान के साथ बातचीत साथ-साथ चलने का विरोध करती रही है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा है कि जिन तत्‍वों को शांति बर्दाश्‍त नहीं है वे इस तरह के हमले करते रहते हैं। साभार: आउटलुकहिंदी डॉट कॉम


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