केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि अल्पसंख्यकों की अच्छी खासी जनसंख्या वाले क्षेत्रों में 100 नवोदय विद्यालय जैसे स्कूल खोले जायेंगे, साथ ही अल्पसंख्यकों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के 5 शिक्षण संस्थानों की स्थापना की जायेगी जिसके साल 2018 से काम करना शुरू करने की उम्मीद है.

उन्होंने कहा, मोदी सरकार ने बिना तुष्टीकरण के अल्पसंख्यकों के आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक सशक्तिकरण एवं विकास का बेहतरीन कार्य किया है. उन्होंने कहा, इस पहल को आगे बढ़ाते हुए अल्पसंख्यकों की अच्छी खासी जनसंख्या वाले क्षेत्रों में 100 नवोदय विद्यालय जैसे स्कूल खोले जायेंगे.

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अल्पसंख्यक कार्य मंत्री ने कहा कि अल्पसंख्यकों को बेहतर से बेहतर शिक्षा संस्थानों के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करना और उनका कौशल विकास मोदी सरकार की प्राथमिकता है. मंत्रालय अल्पसंख्यकों को बेहतर पारंपरिक एवं आधुनिक शिक्षा मुहैया कराने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के 5 शिक्षण संस्थानों की स्थापना कर रहा है.

उन्होंने कहा कि तकनीकी, मेडिकल, आयुर्वेद, यूनानी सहित विश्वस्तरीय कौशल विकास की शिक्षा देने वाले संस्थान देश भर में स्थापित किये जाने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है. मंत्री ने कहा, ‘‘इस सन्दर्भ में 10 जनवरी 2017 को गठित एक उच्च स्तरीय कमेटी शिक्षण संस्थानों की रुपरेखा-स्थानों आदि के बारे में अपनी रिपोर्ट जल्द ही सौंपने वाली है. हमारी कोशिश है यह शिक्षण संस्थान 2018 से काम करना शुरू कर दें. इन शिक्षण संस्थानों में 40 प्रतिशत आरक्षण लड़कियों के लिए किये जाने का प्रस्ताव है.

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उन्होंने कहा कि कोई भी गरीब शिक्षा से वंचित ना रहे इसके लिए हम ‘तहरीके तालीम’ शुरू कर रहे हैं, जिसके तहत हम शिक्षा के संसाधन एवं सुविधा का हर क्षेत्र में व्यापक जाल बिछाएंगे. तहरीक ए तालीम की शुरूआत पूर्व राष्ट्रपति ए पी जे अब्दुल कलाम के जन्मदिन 15 अक्तूबर को देश के 100 जिलों में किया जायेगा.


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