एक गोपनीय खुफिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी का रिसर्च स्कॉलर रोहित वेमुला जिसने हाल ही में आत्महत्या कर ली थी, वह दलित नहीं था। इस रिपोर्ट के मुताबिक रोहित की दादी और उनकी मां ने खुद को वडेरा जाति का बताया था। आंध्र प्रदेश में वडेरा जाति ओबीसी में है न कि दलित कैटिगरी में।

यह रिपोर्ट देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहाकार अजित डोभाल के पास भेजी गई है। एजेसियों ने अपनी जांच के बाद बयान में बताया था कि रोहित की दादी राघवम्मा ने दावा किया था कि उनका बेटा (रोहित के पिता) और उनकी बहू (रोहित की मांद) दोनों वडेरा समुदाय से हैं। अजित डोभाल को सौंपी गई रिपोर्ट के साथ राघवम्मा का तेलुगू में विडियो क्लिप अटैच किया गया है।

रोहित वेमुलारोहित की जाति को लेकर दो जुलाई, 2014 को रोहित की मां वी राधिका द्वारा अपने छोटे बेटे राजा चैतन्य कुमार के बर्थ रजिस्ट्रेशन के लिए भरे गए आवेदन को भी पेश किया गया है। रोहित की मां ने अपने आवेदन में बताया है कि वह गुरुजला और मंडल गांव की निवासी हैं और वडेरा जाति से ताल्लुक रखती हैं। उन्होंने आवेदन में बताया है कि उनका छोटा बेटा राजा चैतन्य कुमार का जन्म 9 जून, 1990 को हुआ था लेकिन वह तब जन्म का रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाई थीं।

वी. राधिका ने बताया है, ‘ 9 जून, 1990 को मैंने एक बच्चे को गुरुजला स्थित अपने घर में जन्म दिया था। तब मुझे पता नहीं था इसलिए मैंने बर्थ रजिस्ट्रेशन नहीं कराया था। लेकिन स्कूल में ऐडमिशन के लिए मेरे बेटे को बर्थ सर्टिफिकेट की जरूरत है। इसके साथ ही उसे अन्य मामलों में भी भविष्य में इसकी जरूरत पड़ेगी। इसलिए मैं अपने छोटे बेटे राजा चैतन्य कुमार के बर्थ रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन कर रही हूं।’

वी. राधिका ने शपथ पत्र तेलुगू में दाखिल किया है। आईबी रिपोर्ट में इसका इंग्लिश ट्रांसलेशन सौंपा गया है। वी राधिका ने अपने अगले बयान में दावा किया है कि यदि वह इस मामले में गलत जानकारी देती हैं तो वह आईपीसी के सेक्शन 199 और 200 के तहत सजा पाने की अधिकारी होंगी। (नवभारत टाइम्स)


लाइक करें :-


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें

कमेंट ज़रूर करें