उधम सिंह नगर – उत्तराखंड पुलिस का नारा है “सुरक्षा और सेवा” लेकिन नया राज्य बने उत्तराखंड को दो दशक भी नही बीते है कुछ पुलिस कर्मी इस नारे को धता बताते हुए कानून का उलंघन करते हुए साफ़ दिखाई देते है, वैसे अभी तक उत्तराखंड की पुलिस की छवि अन्य राज्यों के मुकाबले काफी बेहतर बनी हुई है लेकिन अगर इस तरह भेदभाव और जनता को परेशान करने की शिकायतें सामने आने लगी तो ‘रामपुर तिराहे’ पर शहादत का चोला ओड़ने वाले उत्तराखंड वासियों की यादें ताज़ा हो जायेंगी. क्या यही सब देखने के लिए उन्होंने अपनी जान दी थी ? शायद इसका जवाब पुलिस महकमा अच्छे से दे पाए.

आज जो रिपोर्ट हमें भेजी है उनका नाम है मोहम्मद इकबाल जो की दिल्ली के निवासी है लेकिन प्रथम बार उत्तराखंड आये इकबाल को इतना बुरा अनुभव होगा अगर यह उन्हें पहले से पता होता तो शायद वो देवभूमि में कदम भी ना रखते, पुलिस महकमे को याद रखना चाहिए की हमारे राज्य की आय का एक बहुत बड़ा जरिया पर्यटन है, और अगर इसी तरह नाम पूछकर पर्यटकों को पुलिस परेशान करने लगती है तो उससे कहीं ना कहीं पर्यटन पर ज़रूर बुरा असर पड़ेगा.

आइये पढ़ते है मोहम्मद इकबाल की ज़ुबानी

उत्तराखण्ड राज्य ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट
uttarakhand सरकार

मेरा नाम मोहम्मद इकबाल है मै दिल्ली में रहता हूँ | मेरे साथ हुई एक घटना से बहुत व्यथित हूँ जो मेरे साथ २४ अगस्त २०१७ को हुई थी | पिछले १५ दिनों से मै बहुत बेचैन हूँ और बहुत हिम्मत और उम्मीद के साथ अपने साथ हुई घटना के बारे में आपको लिख रहा हूँ क्योंकि आज जिस तरह का दौर है उसमे सिर्फ और सिर्फ आपसे ही उम्मीद है कि किसी पर हुए जुल्म के खिलाफ बोलेंगे |

घटना २४ अगस्त २०१७ कि है जब मै अपनी पत्नी और दो छोटे बच्चों के साथ अपने घर पर होने वाले एक समारोह का निमंत्रण देने के लिए बरेली (ऊ.प्र.) से पंतनगर (उत्तराखंड) एक रिश्तेदार के यहाँ पर अपनी कमर्शियल कार स्विफ्ट से जा रहा था | चूंकि मै कमर्शियल वाहन से जा रहा था तो नियमानुसार मुझे उत्तराखंड का रोड टैक्स जमा करना चाहिए था परंतू मै इस मार्ग पर जीवन में पहली बार जा रहा था तो मै बॉर्डर क्रॉस करते वक़्त भूलवश टैक्स नहीं जमा करा पाया जो 140 रू मात्र था | बॉर्डर क्रॉस करते ही मेरी गाडी किच्छा के पास “सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी(प्रव) उधम सिंह नगर श्री राम प्रकाश राठौर ” के साथ पुलिस वालों ने रुकवा ली और मुझसे मेरे लाइसेंस और गाड़ी के सभी पेपर मांगने लगे |

मैंने तुरंत अपने सभी कागजात (R.C. ,Insurance, Fitness, Permit, Pollution certificate and DL) उन पुलिस वालों को दे दिए जो कि नियमानुसार सही पाए गए जब उन्होंने उत्तराखंड टैक्स के बारे में पूछा तो मैंने उनसे कहा कि मै टैक्स काउंटर ही देख रहा हूँ जिससे कि मै टैक्स जमा करा सकूं | इस पर एक पुलिस वाला विफर गया और मेरा नाम पूछा जैसे ही मेरा नाम “सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी(प्रव) उधम सिंह नगर श्री राम प्रकाश राठौर ” ने सुना तो उन्होंने कहा कि “कटुआ” है साथ खड़े पुलिसकर्मी ने भी हाँ कह दिया इस पर “सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी(प्रव) उधम सिंह नगर श्री राम प्रकाश राठौर ” ने मुझसे कहा कि किस की औरत भगा कर ले जा रहा हूँ मैंने कहा कि सर ये मेरी वाइफ है और मै एक निमंतरण देने जा रहा हूँ तो “सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी(प्रव) उधम सिंह नगर श्री राम प्रकाश राठौर ” ने कहा कि तेरी गाड़ी जब्त की जाएगी मैंने उनसे कारण पूछा तो मुझे जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गन्दी –गन्दी गालियाँ देने लगे |

जब मैंने इस अभद्र व्यवहार का विरोध किया तो पुलिस वाले भी “सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी(प्रव) उधम सिंह नगर श्री राम प्रकाश राठौर ” का साथ देते हुए मुझे मेरी गाडी को “आर टी ओ चेक पोस्ट सुतेइया,उधम सिंह नगर ले चलने के लिए कहा और मुझसे कहा गया कि वहां पर ही मेरा टैक्स भरा जायेगा और मेरे गाड़ी के सभी कागजात “सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी(प्रव) उधम सिंह नगर श्री राम प्रकाश राठौर ” ने अपने पास रख लिए | जब मै सुतेइया चेक पोस्ट पर जाने लगा तो एक पुलिसकर्मी जबरदस्ती मेरी गाडी में बैठ गया और मुझसे मामला रास्ते में ही निपटाने कि बात करने लगा और कहा कि यदि मै 5000 रू रिश्वत दे दूं तो वो मुझे मेरे कागजात दिलवा देगा और गाडी भी जब्त नहीं होगी परंतू मैंने ऐसा करने से मना कर दिया इस पर वो पुलिसकर्मी भड़क गया और मेरी पत्नी के सामने ही अश्लील बातें करने लगा जब मैंने उसका भी विरोध किया तो वो मुझे देख लेने कि धमकी देने लगा इसी दौरान हम लोग जब चेक पोस्ट पर पहुंचे तो उस पुलिस वाले ने मेरी गाडी कि चाबी जबरदस्ती गाडी से निकल ली और मेरे बच्चो एवं पत्नी को गाड़ी से बाहर निकालने लगा |

इसकी शिकायत जब मैंने चेक पोस्ट पर मौजूद पुलिस कर्मियों एवं विंडो क्लर्क से कि तो उन्होंने किसी भी प्रकार कि सहायता में असमर्थता जता दी और मुझे “सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी(प्रव) उधम सिंह नगर श्री राम प्रकाश राठौर ” के आने का इन्तेजार करने को कहा | जब “सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी(प्रव) उधम सिंह नगर श्री राम प्रकाश राठौर ” आये तो मैंने उनसे कहा कि जब मेरे पास गाडी के सभी कागजात है तो गाडी क्यों जब्त की जाएगी और सिर्फ रोड टैक्स न भरने के जुर्म में जो भी चालान होगा दंड सहित मै अभी उसका नकद में भुगतान करने के लिए तैयार हूँ परंतू “सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी(प्रव) उधम सिंह नगर श्री राम प्रकाश राठौर ” ने मेरी बात नहीं सुनी और कहने लगे कि तेरी गाडी जब्त होगी और इसका चालान रुद्रपुर आर टी ओ ऑफिस में जमा होगा | जब मैंने उनसे कहा कि मेरे साथ मेरी पत्नी और दो छोटे बच्चे है और इनको बहुत परेशानी होगी इसलिए इंसानियत का वास्ता देकर मैंने नकद चालान भरने को कहा तो जबाब में “सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी(प्रव) उधम सिंह नगर श्री राम प्रकाश राठौर ” ने मुझसे कहा कि रुद्रपुर जाते समय वो अपनी पत्नी और बच्चों को चेक पोस्ट पर ही छोड़ इससे वहां पर उपस्थित पुलिसकर्मियों का भी मनोरंजन होता रहेगा और मै अकेले जा कर वहां पर चालान जमा कर सकता हूँ |

ये बातें सुनकर मेरी पत्नी रोने लगी और मेरी पत्नी ने भी काफी मिन्नतें कि परंतू “सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी(प्रव) उधम सिंह नगर श्री राम प्रकाश राठौर ” नहीं माने | अंततः मैं अपनी पत्नी को चेक पोस्ट के बाहर मुख्य मार्ग पर बैठाकर र्रुद्र्पुर आर टी ओ दफ्तर चालान जमा करने गया जहाँ पर मुझसे कैश काउंटर पर 500 रू की रिश्वत मांगी गयी, क्लर्क ने 1000 रू की रिश्वत मांगी, मैंने दे दी | फिर मुझे जब मेरी गाडी का रिलीविंग लैटर “सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी(प्रव) उधम सिंह नगर श्री राम प्रकाश राठौर ” को देना था और इसके लिए भी उनके चपरासी ने मुझसे 2000 रू रिश्वत में लिए उसी दिन गाडी रिलीव करने के लिए | मैंने दे दिए क्योकि मेरी पत्नी और बच्चे वहां सुतेइया चेक पोस्ट पर रोड पर बैठे हुए थे इसीलिए मेरी मजबूरी थी और मुझे गाडी उसी दिन हर हालत में रिलीव करवानी थी |

सर मैंने कुल ६१०० रू चालान के भरे जिसकी रशीद है मेरे पास और ३५०० रू कि रिश्वत दी | कुल खर्च आया ९६०० रू | सर इस पूरे घटनाक्रम कि वजह से मुझे और मेरी पत्नी एवं बच्चों को इतनी मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी कि मै डिप्रेशन में चला गया जिस वजह से मै पिछले १५ दिनों से आपको कुछ लिख नहीं पाया और न ही किसी से इसकी शिकायत कर पाया | आज थोडा मानसिक संतुलन ठीक हुआ तो सोचा कि सबसे पहले आपको लिखूं शायद आप इस प्रकार के एक अधिकारी के द्वारा आम जनता से जरा सी भूल के ऐसे पैसे ऐंठने के तरीके पर आवाज उठाये और मुस्लिम होने कि वजह से जो अभद्रता झेली है “सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी(प्रव) उधम सिंह नगर श्री राम प्रकाश राठौर ” एवं उनके सहपोलिसकर्मियों के द्वारा उसके वारे में आवाज उठाये और उत्तरखंड एवं देश कि जनता को ऐसे भ्रष्ट,असंवेदनशील और पक्षपाती अधिकारीयों का असली चेहरा दिखाये |

सर आपसे निवेदन है कि कृपया इस घटना के बारे में आप अपने चैनल के माध्यम से उत्तराखंड सरकार के संज्ञान में लायें | आपका सदैव आभारी रहूँगा |
धन्यबाद मोहम्मद इकबाल
9718503025


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