नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस परेड में सुपरसोनिक मिसाइल बह्रमोस, सुखाई, जगुआर और मिग-29 का प्रदर्शन होगा. साथ ही दिखाई देगी नौसेना के सबसे ताकतवर एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रमादित्य. थल सेना का टैंक अर्जुन और भीष्म को भी राजपथ पर उतारा जाएगा.  यानी आसमान हो या जमीन या फिर संमदर. हमारी सेना हर मोर्चे पर तैयार है. भारतीय सेना कहीं भी किसी वक्त दुश्मन को करारा जबाव दे सकती है. भारतीय सेना की ताकत और तैयारी कैसी है.

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“भारत की सुरक्षा क्षेत्रीय और वैश्विक माहौल के आधार पर तय तो होती ही है. हमारी सुरक्षा तैयारी पड़ोसी देशों की अस्थिरता, उनका अप्रत्याशित रुख और आक्रमकता पर भी निर्भर करती है. इसलिए बेहद जरुरी है कि भारत की सेना हर खतरे से निपटने के लिए हमेशा तैयार रहे.”

ये है साल 2015 की रक्षा मंत्रालय की सालाना रिपोर्ट जिसमें पाकिस्तान और चीन का नाम लिए बगैर ये कहा गया है कि हमारी सेना को पड़ोसियों से सावधान रहना होगा. और वक्त आने पर उनसे मुकाबले के लिए तैयार भी रहना होगा.

भारतीय सेना ने आजादी के ठीक बाद ही 1948 में पाकिस्तान से युद्ध लड़ा था. इसके बाद 1965, 1971, सियाचिन और फिर कारगिल में पाकिस्तान को जंग के मैदान में धूल चटाई थी.  इसके बाद भी पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आता . आतंकवाद को शह देने की बात हो या फिर चोरी छुपे परमाणु हथियार जुटने की रणनीति. पाकिस्तान अब भी हमारे लिए खतरा है. लेकिन आज भारतीय सेना की ताकत ऐसी है कि वो किसी वक्त पाकिस्तान को मुंहतोड़ जबाव दे सकता है. भारतीय सेना की तैयारी ऐसी है कि दुश्मन को संभलने का मौका भी नहीं देगी.

आइए देखते हैं कि पाकिस्तान के मुकाबले कितनी ताकतवर है भारतीय सेना.

2भारतीय सेना में सैनिकों की संख्या करीब 13 लाख है जबकि पाकिस्तानी सेना उससे करीब आधी यानि साढ़े छह लाख है. भारतीय सेना की ताकत उसके सैनिक तो हैं ही साथ ही उसके पास है एक बड़ी आर्मर्ड-ब्रिगेड ( armoured Brigade) और मैकेनाइजाईड इंफेंट्री ( mechenised infantry). इस ब्रिगेड में है भारतीय सेना के मैन बैटल ( main battle tank) टैंक अर्जुन और भीष्म.

पाकिस्तान के पास तीन हजार ( 3000) टैंक हैं. जबकि भारतीय सेना के पास करीब छह हजार टैंक ( 6000) हैं जिसमें चार हजार ( 4000) आर्मड कैरियर और बीएमपी मशीन हैं. दुश्मन की सीमा में अगर ये टैंक घुस जाएं तो इनकी गर्जना से ही दुश्मन भाग खड़े होते हैं.

1965 के युद्ध में भारतीय सेना के टैंक पाकिस्तान के लाहौर तक पहुंच गए थे. जिस-जिस इलाके में टैंक जाते थे पाकिस्तानी फौज भाग खड़ी होती थी.

भारतीय सेना के पास सात हजार ( 7000) तोप हैं. इन तोपों में वे बोफोर्स तोप भी शामिल हैं जिन्होंने 1999 के कारगिल युद्ध में पाकिस्तानी घुसपैठिए और सैनिकों पर इतने गोले बरसाए कि दुश्मन को मैदान छोड़कर भागना पड़ा. पाकिस्तान के पास बत्तीस सौ ( 3200) तोप हैं.

भारतीय सेना की कमांड और कोर जम्मू-कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक और जोधपुर से लेकर नागालैंड के दीमापुर तक फैली हुईं हैं. भारतीय सेना में 13 कोर हैं जिनमें से दो स्ट्राइक कोर हैं. ये स्ट्राईक कोर हीं युद्ध के वक्त दुश्मन से लड़ने के लिए सरहदों पर पहुंच जायेंगी. इन दोनों स्ट्राइक कोर मे करीब-करीब 80 हजार सैनिक हैं जो दुश्मन को मुंहतोड़ जबाव देने लिए हर वक्त तैयार रहते हैं.

भारतीय वायुसेना के सामने पाकिस्तान का कोई मुकाबला नहीं है. भारतीय वायुसेना विश्व की चौथी सबसे बड़ी वायुसेना है. चीन से भी बेहतर मानी जाने वाली भारतीय वायुसेना के पास एक लाख बीस हजार वायुसैनिक ( 1 लाख 20 हजार) हैं जबकि पाकिस्तान की क्षमता सिर्फ 45 हजार है.

भारतीय वायुसेना की शान हैं लड़ाकू विमान. वायुसेना के लड़ाकू विमान में सबसे खतरनाक है 4.5 जेनरेशन विमान सुखोई.

सुखोई विमान भारत ने रूस से खरीदा है. भारतीय वायुसेना के पास ऐसे करीब 200 सुखोई विमान हैं. इसके अलावा भारतीय वायुसेना की जंगी बेड़े में है मिराज, जगुआर, मिग-29 और मिग-27 बाईसन फाइटर एयरक्राफ्ट.  इसके अलावा भारत फ्रांस से लड़ाकू विमान रफाल का सौदा भी करनेवाला है.

1भारत के पास दुनिया का सबसे बड़ा मिलेट्री विमान C-17 ग्लोबमास्टर भी भारतीय वायुसेना का हिस्सा है. भारत ने C-17 ग्लोबमास्टर अमेरिका से खरीदा है.

भारतीय वायुसेना के पास C-130 J सुपर-हरक्युलिस, आईएल-76 और एएन-32 मालवाहक विमानों का बेड़ा भी है. ये मालवाहक विमान दुनिया की सबसे उंची हवाई पट्टी दौलतबेग ओल्डी पर भी पहुंच सकते हैं . जो कि लद्धाख में चीनी सीमा पर है.

भारतीय वायुसेना के पास करीब दो हजार ( 2000) लड़ाकू विमान हैं जिनमें ट्रैनिंग एयर क्राफ्ट भी शामिल हैं. वहीं पाकिस्तानी वायुसेना के पास सिर्फ नौ सौ ( 900) लड़ाकू विमान हैं. पाकिस्तानी सेना के मुख्य लड़ाकू विमान हैं अमेरिकी F-16 और मिराज.

वायुसेना में हेलिकॉप्टर की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है. पाकिस्तानी वायुसेना के पास साढे तीन सौ ( 350) हेलिकॉप्टर हैं. जबकि भारतीय वायुसेना के पास करीब 600 ऐसे हेलिकॉप्टर हैं जो जंग के मैदान में हथियार, रसद और सैनिकों को ठिकाने तक पहुंचाने में मदद करते हैं.

1965 युद्ध के बाद भारत ने अपनी वायुसेना को मजबूत करना शुरु कर दिया था. ये कोशिश रंग लाई है. और आज भारतीय वायुसेना किसी भी वक्त दुश्मन पर हमले के लिए तैयार है.

पाकिस्तानी सेना भारतीय वायुसेना के सामने कहीं नहीं टिक पाती है इसकी बानगी हाल ही में हुए बहरीन अंतर्राष्ट्रीय एयरशो में देखने को मिली. इस इंटरनेशनल एयरशो में भारत और पाकिस्तान दोनों ही देशों के स्वेदशी निर्मित लड़ाकू विमानों को हिस्सा लेना था. भारत की तरफ से था लाइट कॉम्बेट एयरक्राफ्ट तेजस और पाकिस्तान की तरफ से था चीन की मदद से तैयार किया गया J-17. दुनियाभर की नजर इन दोनों विमानों के मुकाबले की तरफ थी. लेकिन आखिरी मौके पर पाकिस्तान ने इस एयरशो से अपना नाम वापस ले लिया.

अब बात करते हैं भारतीय नौसेना की. समंदर में दुश्मन से लोहा लेना हो या उनपर नजर रखनी हो, भारत की नौ सेना हर चुनौती का सामना करने में सक्षम है. पाकिस्तान ने 70 युद्दपोत समंदर में उतारे हैं. जबकि उसके मुकाबले भारत के पास करीब दो सौ (200) युद्धपोत हैं जो समंदर में दुश्मन पर कहर बरपा सकते हैं.

नौ सेना के पास दो-दो एयरक्राफ्ट कैरियर यानी विमान-वाहक युद्धपोत हैं जिससे लड़ाकू विमान उड़ान भर सकते हैं. पाकिस्तान के पास एक भी एयरक्राफ्ट कैरियर नहीं है . भारत के अलावा अमेरिका और इटली ही ऐसे दो देश हैं जिनके पास एक से ज्यादा विमान-वाहक युद्धपोत हैं. ये एयरक्राफ्ट कैरियर जब निकलते हैं तो समुद्र तटीय देशों के कान खड़े हो जाते हैं. क्योंकि इनपर तैनात होतें हैं घातक लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर. करीब एक हजार ( 1000) किलोमीटर के दायरे में दुश्मन इनके पास फटकने का साहस तक नहीं करता.

भारतीय नौसेना के पास है करीब 200 DESTROYERS, FRIGATES ( फिगेट्स) और CORVETTES ( कॉर्विट्स) जैसे युद्धपोत.  भारतीय नौसेना के पास हैं 15 पनडुब्बी है और करीब छह पनडुब्बी और तैयार हो रहे हैं. जबकि पाकिस्तान के पास 8 पनड़ुब्बी है. समंदर में भारत की एक बड़ी ताकत है आईएनएस चक्र परमाणु पनडुब्बी . इस पनडुब्बी से  भारतीय नौसेना दुनिया की उन चुनिंदा सेनाओं में शामिल हो गई है जो समंदर की गहराइयों में भी दबदबा रखती है.

आईएनएस चक्र के अलावा एक और परमाणु पनडुब्बी आइएनएस अरहिंत का ट्रायल चल रहा है. साथ ही देश के अलग-अलग डॉकयार्ड में करीब 200 और घातक युद्धपोत और 15 पनडुब्बियां तैयार हो रही हैं. इसके अलावा एक एयरक्राफ्ट कैरियर, आईएनएस विक्रांत अगले दो साल में बनकर तैयार हो जाएगा. इसके मुकाबले में पाकिस्तान की नौसेना कहीं नहीं टिकती.

भारतीय सेना की एक बडी ताकत हैं मिसाइल . भारतीय सेना के पास ब्रह्मोस, अग्नि, पृथ्वी, आकाश और नाग जैसी आधुनिक मिसाइलें हैं, वहीं पाकिस्तान के पास गौरी, शाहीन, गजनवी, हत्फ और बाबर जैसी मिसाइलें हैं. अग्नि 5 भारत की सबसे आधुनिक और घातक मिसाइल है. इस इंटर कॉन्टिनेटल बैलेस्टिक मिसाइल की मारक क्षमता 5,000 किलोमीटर है, जबकि बाबर की मारक क्षमता केवल 1,000 किलोमीटर है.

3हाल ही में अमेरिकी संसद की एक रिसर्च रिपोर्ट ने सभी के कान खड़े कर दिए हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान के पास भारत से ज्यादा परमाणु हथियार हैं और उसके निशाने पर भारत ही है . पाकिस्तान ये भलीभांति जानता है कि TRADITIONAL WAR यानी पारंपरिक युद्ध में वो भारत से नहीं जीत सकता है. यही वजह है कि उसने भारत के खिलाफ शुरु किया है PROXY-WAR.

भारत की चिंता ये भी है कि भविष्य में पाकिस्तान और चीन उसके खिलाफ मोर्चाबंदी ना कर दें. इसीलिए कुछ महीने पहले भारतीय वायुसेना ने किया एक गोपनीय युद्धभ्यास , ‘LIVE-WIRE’ किया.

भारतीय वायुसेना ने दोनों फ्रंट यानि पाकिस्तान और चीन की सीमाओं पर की एक साथ साझा युद्धभ्यास, ‘LIVE WIRE’. बेहद ही गोपनीय तरीके से की गई इस युद्धभ्यास में भारतीय वायुसेना ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी. लेकिन चीन की ताकत को भारत के सामरिक-जानकार भी कम नहीं आंकना चाहते.

भारत के खिलाफ पाकिस्तान ने छद्म युद्ध छेड़ रखा है .  पाकिस्तान को इस बात एहसास है कि सीधी जंग में वो भारत का मुकाबला नहीं कर सकता. असमान हो या जमीन या फिर समंदर . हर मोर्चे पर तैयार है भारतीय सेना की तैयारी यही कह रही है कि हमसे न टकराना.

साभार http://abpnews.abplive.in/


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