screenshot_10स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के वजूद में आने के बाद लोगो के भीतर सेल्फी लेने का सिलसिला जो शुरू हुआ हैं वो थमने का नाम नहीं ले रहा हैं. विशेष रूप से सेल्फी का क्रेज नवजवान वर्ग में अधिक देखने को मिलता हैं. स्कूल हो या कॉलेज, ऑफिस हो या फिर मूवी हॉल हर साथ पर लोग नए नए ढंग से सेल्फी लेते नज़र आते हैं.

स्कूल में सेल्फी तस्वीरे लेने के सम्बन्ध में महारष्ट्र सरकार कुछ कदम उठाने जा रही हैं. जिसके मुताबिक अब स्कूल के अध्यापक सेल्‍फी लेकर स्‍टूडेंट्स की अटेंडेंस दर्ज करवाएंगे.

दरअसल मामला यह हैं कि महारष्ट्र में ड्रॉपआउट की समस्या का स्तर बढ़ता ही जा रहा हैं जिसके मद्देनज़र राज्य के शिक्षा विभाग ने यह कदम उठाने का फैसला किया हैं. इस नए कानून के तहत अध्यापक को अपनी और कक्षा में उपस्थित सभी छात्रों को एक सेल्फी लेकर अपलोड करनी होगी जिससे पता चल सके कि कक्षा में कितने छात्र आये हैं.

सरकारी नियम के अनुसार यह नया कानूनअगले साल जनवरी से लागू हो सकता है जिसमें हर सेल्‍फी में 10 छात्र होंगे. इस सेल्फी के ज़रिये उन छात्रों का रिकॉर्ड तैयार करना है जो लगातार स्‍कूल में अनुपस्थित रहते हैं.

शिक्षा विभाग द्वारा जारी आंकड़ो के अनुसार 2014 में ड्रॉपआउट रेट देशभर के 15 प्रतिशत के मुकाबले महाराष्‍ट्र में 9 प्रतिशत के लगभग थी.

नै दुनिया न्यूज़ के मुताबिक राज्‍य के शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी सरकारी रिजॉल्‍यूशन के अनुसार अध्यापको को आधार नंबर और स्‍टूडेंट्स के नाम के साथ सेल्‍फी सरल सिस्‍टम पर अपलोड करनी होगी, यह सिस्‍टम राज्‍य सरकार के एजुकेशन डेटाबेस को मैनेज करता है.


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