प्रधानमन्त्री मोदी के अमेरिकी संसद को संबोधन के दौरान सांसदों द्वारा खड़े होकर तालियाँ बजाने का मुद्दा जिस तरफ से सोशल मीडिया पर उछल पड़ा है उसमे असल मुद्दा कहीं छुप गया तमाम मीडिया चैनल और सोशल मीडिया पर इसी बात की चर्चा हो रही है की कितनी बार तालियाँ बजायी गयी और कितने बार standing ovation मिली. तो उन लोगो को बताते हुए की जब किसी देश का प्रधानमंत्री दुसरे देश की पार्लियामेंट को संबोधन करता है तो उसके शिष्टाचार में बार बार तालियाँ बजायी जाती है तथा आरंभ और अंत में खड़े होकर इज्ज़त से नवाज़ा जाता है.

और पढ़े -   जब इस हाजी को मिला गहनों और नोटों से भरा हुआ बैग, जानिये उसने क्या किया?

13 अक्टूबर 1949 में जब तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु ने अमेरिकी संसद को संबोधित किया था जब भी नज़ारा कुछ ऐसा ही था लेकिन उस समय ब्लैक एंड वाइट का ज़माना था और मनमोहन सिंह से समय इतनी तालियाँ पड़ी थी की रुकने का नाम भी नही ले रही थी.

विडियो देखे – Prime Minister Jawaharlal Nehru address United States Congress – October 13, 1949

और ऐसा ही नज़ारा तब भी था जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अमेरिकी संसद को सम्बोघित किया था

और पढ़े -   जब इस हाजी को मिला गहनों और नोटों से भरा हुआ बैग, जानिये उसने क्या किया?

 


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE