रितु(बीच में)

अलीगढ़ की रहने वाली मंजू 7 जनवरी को गाजियाबाद में अपने बेटे का इलाज कराने गयी थीं.उनके साथ बड़ी बेटी रितु (9 वर्ष) भी थी. मंजू रितु को अस्तपताल में बैठाकर दवा लेने गई थीं। थोड़ी देर बाद वह लौटीं तो रितु का कुछ पता नहीं चला.

इसी दौरान रितु गाजियाबाद में मसूरी में रहने वाले हबीब को भटकती मिली. हबीब उस दिन वह किसी काम से गाजियाबाद गए थे. रास्ते में उन्हें रितु खाना मांगती मिली. हबीब द्वारा पूछने पर मां से बिछड़ने की बात कही. इस बारें में हबीब ने पुलिस शिकायत भी की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा.

काफी कोशिश करने के बाद जब रितु के माता-पिता का पता नहीं चला तो मंजू को अपने घर ले आये. घर में उन्होंने रितु को अपनी बेटी की तरह ही रखा. हबीब कहते हैं कि उन्हें बच्ची को अकेले छोड़कर जाना अच्छा नहीं लगा और वे उसे घर लेकर आ गए. हबीब की आर्थिक स्थिति भी कुछ खास नहीं है.

ईद के मौके पर हबीब अपने बच्चों के साथ मंजू को भी रफीकाबाद मेले में ले गए. जहाँ पर रितु के कुछ रिश्तेदार रहते हैं, जिन्होंने उसे पहचान लिया. मसूरी पुलिस ने हबीब को सम्मानित भी किया है


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