देहरादून – जहा एक तरफ बीजेपी के कुछ नेता अपनी ज़बान पर लगाम ना लगाने के कारण चर्चा में है वहीँ उसी बीजेपी में कुछ ऐसे नेतागण भी है जो यह चाहते है की दोनों धर्मों के बीच ‘गंगा-जमुनी’ तहजीब बरकरार रहे और भारत प्रगति के पथ पर सभी लोग कदमताल करते हुए चले. आज हम आपको मिलवा रहे है बीजेपी उत्तराखंड के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ राष्ट्रिय संयोजक (मिशन मोदी) अधिवक्ता पंडित अश्विनी मुदगिल से, पीएम मोदी म्यांमार में बहादुर शाह ज़फर की मजार पहुंचे यह खुद अपने आप में हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल है.

अश्विनी मुदगिल का कहना है की हम बाद में हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई है पहले इन्सान है, सभी मज़हब इंसानियत सिखाते है अगर इंसानियत नही है तो ऐसे धर्म का क्या फायदा है, इसी को लेकर मोदी जी का भी यही कहना है सांप्रदायिक ताकतों का समाधान बातचीत के ज़रिये होना चाहिए.

मुलाकात में आगे बोलते हुए अश्विनी मुदगिल ने कहा की मुसलमानों ने नबी (स.अ.व.) को हमारा नबी हमारा नबी कहकर अपने तक सिमित कर लिया है जबकि वो सिर्फ मुसलमानों के नही पूरी दुनिया के नबी है, हम खुद आशिक-ए-रसूल है. क्या हम अल्लाह की मखलूक नही है?.

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