हालाँकि ख़ुशी के पैमाने पर भारत की रैंक बदतर हो लेकिन एक काम ऐसा है जिसमे हम भारतीयों का कोई मुकाबला नही है. हम वो है जो टूथब्रश को तब तक नही फेंकते जब तक पजामे में नाड़ा डालने का जुगाड़ नही बना लेते, बनियान को पहले शरीर पर उसके बाद किचन में उसके बाद मोटरसाइकिल साफ़ करने में इस्तेमाल करने के बाद ही फेंकते है.  वैसे जनेरटर वाली मोटर में पहिये लगाने के बाद बनाई गयी गाड़ी में बैठने वाले अब तक समझ चुके होंगे की हम भारतियों को किस बात पर गर्व करना चाहिए. जी हाँ हम जिस चीज़ में सबसे आगे है वो है जुगाड़, जिसके आगे सब फेल है.

जब पीएम मोदी ने स्वच्छ भारत का अभियान चलाया था तब उन्होंने सोचा भी ना होगा की बनवाऊंगा सुलभ शौचालय लोग खोल के बैठ जायेंगे उसमे परचून की दूकान.

यह फोटो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है जिसमे साफ तौर पर देखा जा सकता है की सरकार निर्मित शौचालय का इस्तेमाल परचून की दूकान के लिए किया जा रहा है, ऐसे में ढांक के तीन पात .. गाँव की कंडीशन वही रहेगी जो शौचालय बनने से पहले थी मतलब की लोटा लेकर खेत में जाओ.

फोटो सोशल मीडिया,व्हाट्सऐप पर काफी तादात में शेयर किया जा रहा है लेकिन अभी तक यह साफ़ नही है की यह किस प्रदेश का गाँव का फोटो है.


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