एक पहल जिसे अच्छा कहा जाए। जिसकी सराहना हो,जिसकी तारीफ हो। यह पहल किसी न किसी के जरिए औऱ जिम्मेदारी से शुरू होती है। इसके मकसद तमाम जगह अलग-अलग हो सकते है। पर इस तरह की पहल को सफलता शायद नेक नीयत से् मिला करती है। इऩ वाक्यों में सच्चाई औऱ भावनात्मकता एक साथ औऱ ज्यादा मात्रा में मौजूद है। क्योंकि एक नई पहल सुदूर देश सऊदी अरब में सालों से रह रहें बिहार (सिवान) के लोगों ने शुरू की है। इस पहल में गरीब बच्चे-बच्चियों की तालीम औऱ लड़कियो की शादी शामिल है। पहल की शुरूआत करने वाले मूलत:भारतीय हैं। पर कई सालों से अरब के अलग-अलग जगहों पर बड़ी-बड़ी कंपनियों में सेवाएं दे रहें हैँ।
इस पहल की शुरूआत 30 मार्च को मरियम फाउंडेशन की नींव डालकर की गई। इस फाउंडेशन का नाम सऊदी में रहने वाले शकील अहमद हाशमी की ने माँ ने नाम पर रखा है। जो इस पहल के अगुवा रहे और इस फाउंडेशन के जनरल सेक्रेटरी भी है। बीते रोज इस पहल की शुरूआत में सिवान (बिहार) के कैल्गढ़ पंचायत इलाके में करीब-करीब तीन हजार लोगों ने हिस्सा लिया। इस शुरूआत में मरियम फाउंडेशन की तरफ से गरीबों को कपड़े बांटे गए। औऱ सभी से इस पहल से जुड़ने की अपील की गई। फाउंडेशन की नींव रखने में शामिल जहीर अहमद हाशमी ने बोला कि ” मैं परदेश में रहता हूं। कभी-कभी अपने वतन आना होता है। जब यहाँ आता हूँ तो वहाँ की जिंदगी से हटकर कुछ जज्बात औऱ सवाल उठते है मन में हमेशा। तो सोचता हूँ कि क्यों न कुछ ऐसा किया जाए जिससे लोग आगे बढ़े। पढ़े-लिखें औऱ खूब आगे जाएं। बच्चे स्कूल जाएं। जहाँ उन्हें अच्छी तालीम मिले। जिससे वो खूब आगे बढ़े। पढ़-लिखकर अपने परिवार अपने माँ-बाप का नाम रोशन करें। देश के बड़े-बड़े स्कूल-काँलेजों में दाखिलें लें। क्वालीफाई करके अफसर-बाबू बनके निकले। शायद इतना ही सोच सकता हूँ,इसकी खासी जरूरत महसूस हुई इस इलाके में मुझे। औऱ हां हम आपसब एक बात औऱ बता दें कि गरीब बच्चों की तालीम से लेकर बच्चियों की शादी में मदद करना हमारी जिम्मेदारी है। इस नेक-नीयत औऱ साफ इरादे से हमसब लोगों ने मरियम फाउंडेशन की नींव रखी है।

मरियम फाउंडेशन के मकसद

इस फाउंडेशन के मकसद औऱ साफ कर दूं। जो कि बिना बाउंडरी के। बाउंडरी का मतलब बिना किसी भेदभाव,बिना किसी धार्मिक-जातपात की दीवार के बच्चों के लिए उच्च शिक्षा य़ानि हायर एजूकेशन के लिए देश के किसी भी यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने तक उसे पूरी मदद दी जाएगी। औऱ हाँ सरकारी नौकरी के कंपटीशन में भी भरपूर मदद की जाएगी। मरियम फाउंडेशन के जरिए तालीम और लड़कियों की शादी ब्याह में माली तौर पर मदद ही हमारा अहम मक़सद है ।यह सुनने में आमफहम मकसद है लेकिन इऩ्हें जिम्मेदारी के साथ पूरा करना ही मरियम फाउंडेशन की पहली औऱ आखिरी कामयाबी होगी।


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