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हरियाणा के रोहतक जिले के निंदाना गांव के रहने वाले पंडित कर्मवीर कौशिक ने अपने खून से कुरान और गीता लिखी हैं. लगभग 7 साल में 369 पन्नों में कुरान और लगभग तीन साल में 186 पन्नों की श्रीमद्भगवत गीता लिख कर देश को एकता का सन्देश दिया हैं.

कर्मवीर ने बताया कि उन्होंने एक मोरपंख से दोनों ग्रंथ को लिखा है. सुई चुभाकर अंगुली से खून निकालकर पीपल के पत्ते पर खून एकत्रित करके मोरपंख से कागज पर लिखकर दोनों ग्रंथ को पूरे किए. उन्होंने 30 दिसंबर 2015 को अपने जन्मदिन पर कुरान-ए-शरीफ को पूरा किया.

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पंडित कर्मवीर बताते हैं कि बीते वर्ष हरिद्वार में उन्हें एक अंग्रेज ने उनकी पांडुलिपियों के लिए 5 करोड़ रुपए देने का ऑफर किया था, मगर वह किसी भी कीमत पर ऐसा नहीं कर सकते.

उनका कहना है कि वे पैसे के लिए यह काम नहीं कर रहे हैं। समाज और धार्मिक सद्भावना के लिए उनका यह प्रयास है.  हालांकि कर्मवीर आर्थिक रुप से बहुत कमजोर है, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने यह पांडुलिपि नहीं बेची.

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