blacksmith-son-got-i-crore-rs-offer-from-microsoft

कोहराम न्यूज़ नेटवर्क – एक बिहारी सब पर भारी वाली कहावत को असलियत में बदलते हुए वेल्डर के पुत्र ने ऐसा कारनामा कर दिखाया की लोगो के लिए मिसाल बन सके,लोहार का काम करने वाले चंद्रकांत चौहान के पुत्र ने आज देश विदेश को बता दिया की उनके पिता ने उन्हें भट्टी में तपाकर लोहा नही कुंदन बनाया है.

तमाम मुश्किलों के बावजूद कामयाबी हासिल करने का सपना बिहार के एक वेल्‍डर के बेटे ने सच कर दिखाया है। माइक्रोसॉफ्ट ने इंजिनियरिंग के इस छात्र वात्‍सल्‍य सिंह चौहान को एक करोड़ रुपये का पैकेज ऑफर किया है। वात्‍सल्‍य के जीवन में एक वक्‍त ऐसा भी आया था जब वह राजस्‍थान के शहर कोटा से पढ़ाई छोड़कर घर जाने की सोच रहे थे।

वात्‍सल्‍य आईआईटी खड़गपुर के अंतिम वर्ष के छात्र हैं। माइक्रोसॉफ्ट ने उन्‍हें 1.02 करोड़ रुपये के शुरुआती पैकेज पर नौकरी दी है। 21 साल के वात्सल्य सिंह चौहान के पिता चंद्रकांत सिंह चौहान बिहार के खगड़‍िया में एक वेल्डिंग की दुकान चलाते हैं। आईआईटी खड़गपुर के निदेशक ने इस कामयाबी के लिए वात्सल्य को बधाई दी है।

वात्सल्य का कहना है कि उसने 2009 में एक कोचिंग सेंटर में अपने खराब रिजल्ट को सुधारते हुए आईआईटी प्रवेश परीक्षा में ऑल इंडिया 382 रैंक प्राप्त किया था। उसने कहा, ‘मुझे माइक्रोसॉफ्ट की ओर से 1.02 करोड़ रुपये सालाना का पैकेज मिला है और मैं इस साल अक्‍टूबर से जॉइन करूंगा।’

अपनी सफलता का श्रेय दो शिक्षकों को देते हुए वात्‍सल्‍य ने कहा कि जब सबकुछ छोड़कर घर वापस जाने की सोच रहा था, तो उन्होंने मुझे रोका और मेरा साथ दिया। वात्सल्य के पिता का कहना है कि वह अपने बेटे की सफलता से बहुत खुश हैं और चाहते हैं कि बेटा देश को मान दिलाए। उन्‍होंने कहा, ‘मेरी 20 साल की तपस्या का फल मिला है और मेरा सपना सच हुआ है। मेरा बेटा भारत से बाहर जा रहा है और मैं चाहता हूं कि वह देश के लिए काम करे और बाहर देश का नाम रोशन करे।’ साभार एनबीटी


लाइक करें :-


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें

कमेंट ज़रूर करें