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हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के एनकाउंटर के बाद से ही पूरी कश्मीर घाटी पिछले आठ दिनों से सुरक्षा बलों की नजर बंदी में हैं. श्रीनगर के महाराजगंज के शेख मोहल्ला में दीपक मल्होत्रा का परिवार रहता हैं. वे एक कश्मीरी हिन्दू हैं जिन्होंने तीन दशक पहले कश्मीर घाटी से पलायन ना करके अपने मुस्लिम भाइयों के साथ यहीं पर रहने का फैसला किया था.

आज दीपक मल्होत्रा की बुजुर्ग माता का देहांत हो गया. इस दोरान पुरे श्रीनगर में कर्फ्यू लगा हुआ था. जम्मू कश्मीर आवामी यूथ और जम्मू-कश्मीर एक्शन कमेटी के सदस्यों ने अपनी जान की परवाह ना करते हुए अपने हिन्दू भाई के इस दुःख की घडी में शामिल होने का फैसला किया. उन्होंने सख्त कर्फ्यू के दोरान दीपक मल्होत्रा की माता के अंतिम संस्कार में हिस्सा लेकर मानवता को शर्मसार होने से बचा लिया.

गौरतलब रहें कि बुधवार को राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 1ए पर दुर्घटना में घायल अमरनाथ तीर्थ यात्रियों को बचाने के लिए स्थानीय मुस्लिमों ने अपनी जान जोखिम में डाल कर उन्हें अस्पताल पहुंचाया था. इस हादसे में एक स्थानीय बस ड्राइवर की मौत हो गई और 28 श्रद्धालु घायल हुए थे.


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