बुधवार को विवादित सलाफी स्कॉलर जाकिर नाईक को लेकर अपने पिछले बयान से मुकरते हुए मलेशिया के उप प्रधान मंत्री अहमद ज़ाहिद हमीदी ने कहा कि अगर भारत जाकिर नाइक के निर्वासन की मांग करता है तो जाकिर नाईक को भारत निर्वासित किया जाएगा.

हमीदी ने कहा कि हालांकि भारत ने अभी इस बारें में कोई निवेदन नहीं किया है. उन्होंने कहा, “अगर भारत अनुरोध करता है तो उसे पारस्परिक कानूनी सहायता (अनुबंध) के माध्यम से प्रत्यर्पित किया जाएगा. उन्होंने कहा, तो हम उसे (वापस) भेज देंगे.”

जाकिर नाईक को लेकर मलेशिया के सलाफी संगठन एकजुट हो चुके है. विपक्षी पार्टी के नेताओं ने भी जाकिर के निर्वासन का विरोध करना शुरू कर दिया है. मुख्य विपक्ष पार्टी पीएएस के नेताओं ने मलेशियन सरकार से अनुरोध किया कि वह भारत के इस अनुरोध को यह कहकर अस्वीकार कर दे कि वह एक मशहूर व्यक्ति है और उन पर कट्टरपंथियों या आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप झूठा है.

विपक्षी नेताओं की मांग पर जाहिद ने बुधवार को कहा कि जाकिर नाईक को लेकर विपक्षी पार्टी के अनुरोध को भी अस्वीकार नहीं किया गया है. क्योंकि उन्होंने किसी भी स्थानीय कानून का उल्लंघन नहीं किया है.

ध्यान रहे भारत सरकार ने जाकिर के प्रत्यर्पण के लिए मलेशिया सरकार से आधिकारिक अनुरोध करने का फैसला किया ह. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने इस बारें में कहा कि जाकिर नाईक के बारे में मलयेशिया से औपचारिक अनुरोध किया जाएगा.


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