water-

वर्ल्ड बैंक ने चेतावनी देते हुवे कहा कि पानी की समस्या से देशों अर्थव्यवस्था पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। साथ ही पानी न होने पर बड़े पैमाने पर पलायन की समस्या होंगी जो विश्व भर में जंग का मुद्दा बन सकती है। यह समस्या भारत में भी तेजी से गंभीर बनती जा रही है।

वर्ल्ड बैंक ने अपनी रिपोर्ट ‘हाई एंड ड्राई: क्लाइमेट चेंज, वॉटर एंड इकॉनॉमी’ मंगलवार को जारी कर कहा कि बढ़ती जनसंख्या, बढ़ती आय और शहरों के विस्तार के संयुक्त प्रभाव से पानी की मांग बढ़ी है। जबकि, पानी की आपूर्ति और भी ज्यादा अनिश्चित और अनियमित हो गई है।

वर्ल्ड बैंक के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि भारत में पानी की कमी में बढ़ोतरी होने वाली है जिससे भारत में पानी की मांग भी लगातार बढ़ रही है। वर्ल्ड बैंक के के अनुसार, भारत में औसत से कम बारिश होने पर सम्पत्ति को लेकर हिंसा 4 फीसदी बढ़ जाती है। इसके अलावा बाढ़ के नतीजों के तौर पर साम्प्रदायिक हिंसा के मामले भी बढ़ जाते हैं।

वर्ल्ड बैंक के प्रेसीडेंट जिम यॉन्ग किम ने कहा, “पानी की किल्लत आर्थिक विकास और विश्व में स्थिरता के लिए एक अहम खतरा है। मौसम में बदलाव इस समस्या को और भी बदतर कर रहा है।”

उन्होंने कहा, “अगर देश जल संसाधनों के प्रबंधन के लिए और बेहतर कदम नहीं उठाते। हमारा विश्लेषण दिखाता है कि बड़ी जनसंख्या वाले कई इलाके लंबे समय के लिए नकारात्मक आर्थिक वृद्धि का सामना कर रहे होंगे। लेकिन देश ऐसी नीतियां बना सकती हैं जो उन्हें पानी के अस्तित्व को लंबे समय के लिए बनाए रखने में मदद कर सकती हैं।”


लाइक करें :-


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें

Facebook Comment

Related Posts

loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें