मॉस्को: रूस ने पहली बार अमेरिका और नाटो को रूस की नेशनल सिक्युरिटी के लिए खतरा माना है। नेशनल सिक्युरिटी पॉलिसी के नाम से जारी एक डॉक्यूमेंट में अमेरिका, नाटो और उसके दूसरे सहयोगियों पर दुनियाभर में दबदबा बढ़ाने की बात कही गई है।

रूसी राष्ट्रपति पुतिन के हस्ताक्षर के बाद इसे नए साल में जारी किया गया। नई नेशनल सिक्युरिटी पॉलिसी 2009 में तत्कालीन राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव की सिक्युरिटी पॉलिसी की जगह लेगी। उसमें अमेरिका या नाटो का जिक्र नहीं था।

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नई पॉलिसी में नाटो के खिलाफ शिकायतों की लंबी लिस्ट है। इसमें नाटो के विस्तार को भी रूस की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया गया है। इसमें कहा गया है कि अमेरिका अपने नेटवर्क का एक्सटेंशन रूस के पड़ोसी देशों तक करना चाहता है।

रूस ने 2014 में अपनी सैन्य नीति बदलने का एलान किया था ताकि वह यूक्रेन संकट और पूर्वी यूरोप में नाटो की बढ़ती दखलंदाजी से निपट सके। उस समय के गवर्नमेंट एडवाइजर रहे मिखाइल पोपोव ने कहा था कि फिलहाल नाटो के विस्तार का मतलब है कि यह गठबंधन रूसी सीमा के करीब पहुंच रहा है जो उसके लिए खतरा बन सकता है साभार: news24

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