भारत के विभिन्न बैंकों से 9,000 करोड़ रुपये का कर्ज लेकर फरार हुए शराब कारोबारी विजय माल्या को प्रत्यर्पण मामलें में अदालत से जमानत मिल गई है. मुख्य मजिस्‍ट्रेट एम्मा लुइस अरबुथनाट की अदालत ने उन्हें चार दिसंबर तक जमानत दे दी. मामले की अगली सुनवाई छह जुलाई को होगी.

जमानत मिलने के बाद माल्या ने कहा, मैं किसी अदालत से नहीं बच रहा… अपना पक्ष साबित करने के लिए मेरे पास पर्याप्त सबूत हैं’. उन्होंने कहा, ‘मैं मीडिया में कोई बयानबाजी नहीं करता, क्योंकि मैं जो कुछ कहता हूं उसे तोड़-मरोड़ दिया जाता है’.

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माल्या को स्कॉटलैंड यार्ड ने अप्रैल में गिरफ्तार किया था और उसके बाद से वह जमानत पर हैं. वहीँ माल्या को जमानत मिलने पर विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह ने कहा कि विजय माल्या को ब्रिटेन से भारत लाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं, लेकिन उसके प्रत्यर्पण के लिए कोई निश्चित समय-सीमा नहीं दी जा सकती है.

सिंह ने कहा कि प्रत्यर्पण के उद्देश्य के लिए दस्तावेज ब्रिटेन को भेजे गए हैं. उन्होंने कहा कि वे दस्तावेजों का परीक्षण कर रहे हैं और हम प्रतीक्षा कर रहे हैं. जब भी ब्रिटेन हरी झंडी देगा, माल्या को वापस भारत लाया जा सकता है.

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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रत्यर्पण उतना सरल और आसान नहीं हैं, जितना लोग सोचते हैं। उन्होंने कहा कि जब कोई देश प्रत्यर्पण संधि पर हस्ताक्षर करता है तो कुछ शर्तें  तय की जाती हैं.


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