अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा लगाए गए 6 मुस्लिम देशों के अमेरिका में प्रवेश पर पाबंदी को लेकर अमेरिका की और से एक बार फिर से सफाई आई है. जिसमे कहा गया कि ये प्रतिबंध धर्म के खिलाफ न होकर राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए लगाया गया है.

मेरिका के अटॉर्नी जनरल जेफ सेशन्स ने कहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप जानते हैं कि जिस देश के लिए उन्हें चुना गया है, उसे चरमपंथी विचारधारा में यकीन रखने वाले आतंकियों से रोजाना खतरा पैदा हो रहा है. अमेरिकी आव्रजन व्यवस्था में घुसपैठ करने के लिए सक्रिय रूप से षड्यंत्र रचे जाते हैं. 9/11 से पहले भी ऐसा ही हुआ था.

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सेशन्स ने कहा, राष्ट्रपति अमेरिकी जनता और हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा की हिफाजत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और हमें सुरक्षित रखने के उनके अधिकार की रक्षा करके और अमेरिका को पहले स्थान पर रखने के उनके अभियान को समर्थन देकर हमें गर्व महसूस हो रहा है.

उन्होंने कहा, इसलिए न्याय विभाग सुप्रीम कोर्ट से आगे समीक्षा करवाना चाहेगा. सेशन्स ने कहा कि राष्ट्रपति का शासकीय आदेश देश को सुरक्षित रखने के उनके कानूनपूर्ण अधिकार के दायरे में है. उन्होंने कहा, हम इस अधिकार पर प्रतिबंध लगाने के नाइन्थ सर्किट के फैसले से असहमत हैं.

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