इस्राईली गुप्तचर सेवा मौसाद ने अब तक जितने भी मुस्लिम वैज्ञानिकों को शहीद किया हैं उनके बारें में रब 21 नामक वेबसाइट ने एक लिस्ट जारी करते हुए उनके बारें में जानकरी दी हैं. इन वैज्ञानिकों की हत्या के लिए मौसाद ने गला घोंटना, जलाना, गोली मारना, गाड़ी में बम विस्फोट जैसे तरीके अपनाये हैं. मौसाद के हाथों शहीद होने वाले तिम मुस्लिम वैज्ञानिक, ट्यूनीशिया के फ़्लाइट इंजीनियर मुहम्मद ज़वारी थे.

  • यहया मशद (1932-1980)

मिस्र के परमाणु वैज्ञानिक थे जिन्होंने अनवर सादात के राष्ट्रपति काल में मिस्र के परमाणु कार्यक्रम को समाप्त कर दिए जाने के बाद इराक़ के परमाणु कार्यक्रम के विकास में भाग लिया। जून 1980 में पेरिस के मेरिडियन होटल में उनके कमरे में उनकी हत्या कर दी गई। उनके सिर पर किसी नुकीली वस्तु के घाव के निशान थे। वर्ष 2002 में अलजीरिया में एक टीवी कार्यक्रम में उनकी हत्या के लिए अज्ञात लोगों का हाथ बताया गया और फ़्रान्स की पुलिस ने भी शक की उंगली एक यहूदी संगठन की ओर उठाई।

  • जमाल हमदान (1928-1993)

मिस्र के प्रख्यात इतिहासकार थे जिन्हें क़ाहेरा में उनके फ़्लैट में दिखावे की आग लगा कर मौत के घाट उतार दिया गया। सरकारी सूत्रों के अनुसार उनका आधा शरीर आग के रिसाव के कारण जल गया था लेकिन उनके भाई का कहना है कि उनके सिर में किसी नुकीली वस्तु का घाव मौजूद था और केवल उनका निचला धड़ जला था। हमदान ने ज़ायोनियों के बारे में जो तीन किताबें लिखी थीं और अभी प्रकाशित नहीं हुई थीं, उनके घर से ग़ायब थीं। उनके फ़्लैट के ऊपर वाले फ़्लैट में डेढ़ महीन से रह रहे दो विदेशी, उस दिन के बाद के बाद दिखाई नहीं दिए।

  • समीर नजीब

मिस्र के परमाणु वैज्ञानिक और अमरीका के डेट्राइट विश्व विद्यालय के प्रोफ़ेसर थे। 1967 में जब उन्होंने स्वदेश लौटने का फ़ैसला किया तो रात के समय उनकी कार को एक बड़े ट्रक ने कुचल दिया। ट्रक ड्राइवर भाग निकला और कभी पता नहीं चल पाया कि उनकी हत्या किसने की लेकिन आरोप की उंगली मूसाद की ओर उठी।

  • सलवी हबीब

इस्राईल और ज़ायोनिज़्म के बारे में कई किताबें प्रकाशित करने वाले इस विद्वान की अंतिम किताब अफ़्रीक़ा में ज़ायोनिज़्म का प्रसार, प्रकाशन के चरण में थी कि उन्हें मिस्र में उनके फ़्लैट में क़त्ल कर दिया गया। डाॅक्टर सलवी हबीब के हत्यारों को खोजने की कोशिश सफल नहीं हुई लेकिन एक बार फिर शक मूसाद पर ही था।

  • रम्माल हसन रम्माल (1951-1991)

लेबनान के इस विज्ञानैकि की फ़्रांस की एक प्रयोगशाला में हत्या की गई जो आज भी एक जटिल पहेली समझी जाती है। फ़्रांस की लोबोन मैगज़ीन में उन्हें वर्तमान समय में भौतकशास्त्र के सबसे बड़े वैज्ञानिकों में से एक माना था।

  • इब्राहीम ज़ाहिर

इराक़ के परमाणु वैज्ञानिक थे जिन्होंने अपनी डाक्ट्रेट की डिग्री कनाडा की एक यूनिवर्सिटी से हासिल की थी। सद्दाम शासन की समाप्ति के बाद वे 2003 में इराक़ लौटे और दियाला विश्व विद्यालय में पढ़ाने लगे। 22 दिसम्बर 2004 को कुछ अज्ञात लोगों ने बाक़ूबा नगर में एक टेक्सी से उन पर फ़ायरिंग कर दी जिसके कारण वे नदी में गिर कर मर गए।

  • मसऊद अली मुहम्मदी

ईरान के परमाणु भौतिकशास्त्र के वैज्ञानिक थे। तेहरान में उनके घर के बाहर विस्फोट करके उनकी हत्या कर दी गई। मूसाद ने इसके लिए एक ईरानी को पैसे दिए थे। अली जमाली फ़शी ने स्वीकार किया कि धमाके और अली मुहम्मदी की हत्या के लिए उसे मूसाद ने एक लाख 20 हज़ार डालर दिए थे।

  • मजीद शहरयारी

ईरान के परमाणु वैज्ञानिक थे। उन पर और उनके एक वैज्ञानिक साथी फ़रीदून अब्बासी पर एक साथ हमला किया गया था लेकिन अब्बासी इस हमले में बच गए। उनकी गाड़ी में बम लगा कर धमाका कर दिया गया था।

  • मुस्तफ़ा अहमदी रौशन

ये भी ईरान के एक परमाणु वैज्ञानिक थे और एक मोटर साइकल सवार ने उनकी गाड़ी पर बम चिपक कर उनकी हत्या की।

  • मुहम्मद ज़वारी (1967-2016)

ट्यूनीशिया के एक फ़्लाइट इंजीनियर और ड्रोन बनाने के विशेषज्ञ थे। वे हमास की सैन्य शाखा की मदद करते थे। ट्यूनीशिया के सफ़ाक़िस शहर में बीस गोलियां मार कर उनकी हत्या कर दी गई। बताया गया कि उनकी हत्या नौ लोगों की एक टीम ने की जिसमें 8 विदेशी और एक अरब व्यक्ति शामिल था।


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