baan

संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव बान की मून ने म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों की मानवाधिकार की स्थिति को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की हैं.

सिंगापुर में बान की मून ने कहा कि म्यांमार को मानवाधिकार का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि म्यांमार की सरकार को चाहिए कि मानवाधिकार को ध्यान में रखते हुए देश में जातीय व सांप्रदायिक भेदभाव को नियंत्रित करे, देश में समानता लाए और देश के सभी लोगतं के विकास व प्रगति के लिए क़दम बढ़ाए.

और पढ़े -   कतर की मांगों पर सऊदी अरब ने कहा - नहीं होगी कोई बातचीत

इस दौरान संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव ने बताया कि म्यांमार में वर्ष 2012 में भड़कने वाली हिंसा में लगभग डेढ़ लाख रोहिंगिया मुसलमान बेघर हो गए हैं और इस समय वे कैम्पों में बड़ा दयनीय जीवन बिता रहे हैं.


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE