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वौइस् हिंदी नेटवर्क | म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों के लिए जिन्दगी और दूभर होती जा रही है. बोद्ध बहुसंख्यक इस देश में रोहिंग्या मुसलमानों पर लगातार अत्याचार किये जा रहे है. इन लोगो का कत्ले आम किया जा रहा है, इनके घर जलाए जा रहे है. संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा की म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ एक अभियान चलाया जा रहा है.

संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी संस्था यूएनएचसीआर के एक अधिकारी जॉन मैकइस्सिक ने बीबीसी से बात करते हुए कहा की म्यांमार , रोहिंग्या मुसलमानों का खात्मा चाहता है. म्यांमार के रखाईन प्रांत में रहने वाले रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ सुरक्षाबलो और सैन्य बलों ने एक अभियान चला रखा है. सैन्य बल वहां कत्लेआम आम कर रहा है. पुरुषो को गोली मारी जा रही है, उनके घर जलाए जा रहे है और महिलाओं के साथ बलात्कार किया जा रहा है.

इन्ही अत्याचारों से तंग आकर रोहिंग्या मुसलमान , बांग्लादेश की तरफ कुच कर रहे है. लेकिन बांग्लादेश की सीमाए शर्णार्थियो के लिए बंद होने की वजह से इन्हें वहां भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. बांग्लादेश में घुसने के लिए लोग सुरक्षाबलो और तस्करों को रिश्वत तक दे रहे है. ऐसे में अगर बांग्लादेश अपनी सीमाए खोल दे तो म्यांमार सरकार , रोहिंग्या मुसलमानों पर और अत्याचार करेगा.

जॉन के अनुसार , अक्टूबर में कुछ सुरक्षाबलो की हत्या होने के बाद, म्यांमार के नेताओं ने रोहिंग्या मुसलमानों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया. इसके बाद यहाँ की सरकार ने चरमपंथियों के खिलाफ अभियान छेड़ दिया. संयुक्त राष्ट्र के दावे के विपरीत , म्यांमार की सरकार ने दावा किया है की रोहिंग्या मुसलमान खुद अपना घर जला रहे है. उधर बांग्लादेश ने भी रोहिंग्या मुसलमानों की सीमा पर जुटने और देश में शरण लेने की मांग की पुष्टि की है.


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