नई दिल्ली. ब्रिटेन आज से यानी एक जनवरी 2016 से भारत को आर्थिक मदद देना बंद कर देगा. ब्रिटेन ने यह फैसला भारत की बढ़ती आर्थिक स्थिति के देखते हुए लिया. भारत को आर्थिक मदद देने पर साल 2012 में ब्रिटेन के अंदर इसका विरोध किया गया था, जिसके बाद वहां की सरकार ने मदद बंद करने का फैसला किया था.

britain funding Indiaभारत सरकार ने बताया ब्रिटेन ने 2013-15 में सरकार को आर्थिक मदद दी थी. 2013-14 में 855.01 करोड़ की, 2014-15 तक 601.77 करोड़ की जबकि 2015-16 के लिए 190.06 करोड़ की मदद दी गई थी.

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प्रणव मुखर्जी ने मदद को बताया बेहद कम
2012 में तत्कालिन वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा था कि भारत के विकास में खर्च होने वाली कुल राशि में ब्रिटिश से मिलने वाली मदद बेहद कम है और कोई भी देश इसके बिना भी अच्छी तरह चल सकता है. इसके यूके में भारत को दी जा रही मदद के खिलाफ आवाजें बुलंद होने लगी. विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि भारत एक ऐसा देश है जिसके पास दमदार स्पेस और डिफेंस प्रोग्राम है. हालांकि कुछ लोगों का कहना था कि भारत में गरीबों की हालात देखते हुए इस मदद को जारी रखना चाहिए.

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8 राज्यों के लिए जारी रहेगी मदद
विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्राइवेट सेक्टर डेवलपमेंट इनिशिएटिव को 2011 में लाया गया था ताकि मध्यप्रदेश, ओडिशा, बिहार, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तर प्रदेश, और राजस्थान जैसे कम आय वाले राज्यों की मदद की जा सके. पीएसडीआई के तहत इन राज्यों से प्राइवेट सेक्टर में कई निवेश परियोजनाएं चल जा रही हैं. साभार: inkhabar

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