अबुधाबी | दुनिया के 10 सबसे सुखाग्रस्त देशो में से एक सऊदी अरब अमीरात के सामने पीने के पानी की सबसे बड़ी समस्या है. अगले 25 सालो में यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है. इसलिए लोगो को पीने का पानी मुहैया कराने के लिए यहाँ की एक प्राइवेट कंपनी बड़ी योजना पर काम कर रही है. अगर यह योजना सफल रहती है तो अगले 5 सालो के लिए पानी की समस्या से निजात पायी जा सकती है.

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मिली जानकारी के अनुसार सऊदी अरब अमीरात की एक निजी कंपनी अंटार्टिक से आइसबर्ग के एक टुकड़े को यहाँ के समुंदर तट पर लाने की योजना बना रहा है. सऊदी अरब से करीब 12,600 किलोमीटर की दुरी पर स्थित अंटार्टिक से एक आइसबर्ग के टुकड़े को लाने में एक साल का समय लगेगा. लेकिन इससे देश की पीने के पानी की समस्या को सुलझाया जा सकता है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 2018 से इस योजना पर काम शुरू हो जायेगा. कंपनी के मुताबिक वो आइसबर्ग के टुकड़े को यूएई के समुंदर तट पर लायेंगे और इसके छोटे छोटे टुकड़े करके अलग अलग कंटेनर में रखेंगे. सूरज की गर्मी से जब यह बर्फ पिंघलेगी तो इससे निकलने वाले पानी को अलग कंटेनर में स्टोर किया जायेगा. इसके बाद इस पानी को प्यूरीफ़ाय करके लोगो तक पहुँचाया जायेगा.

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कम्पनी ने बताया की एक आइसबर्ग के टुकड़े से करीब 20 बिलियन गैलन पानी निकल सकता है. इससे 10 लाख लोगो की 5 साल तक पीने की पानी की समस्या दूर किया जा सकता है. इसके अलावा आइसबर्ग का एक टुकड़ा बारिश के लिए अनुकूल वातावरण बनाने में भी मददगार साबित हो सकता है. समुन्द्र तट पर रखे जाने के कारण इससे वातावरण में नमी आयगी जिससे बारिश होने की सम्भावना बढ़ जाएगी. फ़िलहाल यूएई में हर साल केवल 100 एमएम बारिश होती है.

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