क़तर को लेकर सयुंक्त अरब अमीरात अब सऊदी अरब से भी आगे निकल गया है. सयुंक्त अरब अमीरात ने क़तर के समर्थन पर 15 साल तक की सज़ा का ऐलान किया है. यानि अगर सयुंक्त अरब अमीरात में कोई भी व्यक्ति क़तर का समर्थन करता है तो उसे 15 साल तक की सज़ा हो सकती है.

अलक़ुद्सुल की रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त अरब इमारात के अटार्नी जनरल हम्द सैफ़ अश्शामी ने घोषणा करते हुए कहा कि जो भी क़तर का किसी ही प्रकार से समर्थन करेगा या उसके प्रति सहानुभूति दर्शाएगा उसको तीन साल से लेकर 15 साल तक की सज़ा होगी.

अटार्नी जनरल ने रिश्तें तोड़े जाने को लेकर कहा कि क़तर से से रिश्तें तोड़ने का फैसला जो लिया गया है वह अरब देशों के विरुद्ध क़तर की शत्रुतापूर्ण नीतियां के कारण हैं.

गौरतलब रहें कि सऊदी अरब, मिस्र ,बहरैन और संयुक्त अरब इमारात का दावा है कि दोहा, हमास और मुस्लिम ब्रदर्रहुट का समर्थन कर रहा है इसलिए क़तर से सारे रिश्तें तोड़ लिए गए.


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