अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के पैरिस समझौते से अलग होने के फैसले के बाद अब तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने भी पेरिस समझौते से अलग होने की घोषणा कर दी है. ऐसे में अब पेरिस जलवायु समझौता खतरे में आ गया है

G20 शिखर सम्मेलन के खत्म होने से ठीक पहले एर्दोआन ने हैम्बर्ग में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, ‘अमेरिका के फैसला लिए जाने के बाद हम भी अपनी संसद में इस संधि को मान्यता नहीं देने जा रहे.’ उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने इस बारे में पहले ही फ्रांस के राष्ट्रपति इमैन्युअल मैक्रों और जर्मन चांसलर अंगेला मर्केल को साफ तौर बता दिया था.

उन्होंने कहा, ‘नाराज ना हों, लेकिन हम इसे हमारी संसद में तब तक पास नहीं करेंगे, जब तक हमसे किए गए वादे पूरे नहीं होते.’ इस संबंध में एर्दोआन ने फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद का वादा भी याद दिलाया कि तुर्की को औद्योगिक अर्थव्यवस्था नहीं बल्कि विकासशील देश की श्रेणी दी जाएगी.

उन्होंने कहा कि कुछ अन्य देश भी इस संधि को लागू करने के पक्ष में नहीं है. हालांकि उन्होंने उन देशों का नाम नहीं लिया.


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