तुर्की के राष्ट्रपति रसेप तय्यिप एर्डोगान का कहना है कि वह कतर संकट को हल करने में कई क्षेत्रीय देशों की यात्रा कर सकते हैं.

उन्होंने कहा, उनकी ये यात्रा 15 जुलाई के बाद शुरू हो सकती है. जो पूरी कुटनीतिक होगी. उन्होंने उम्मीद जताई कि उनकी इस यात्रा के बाद एक बार फिर से बातचीत के लिए रास्ता निकलेगा. उन्होंने कहा, विशेष रूप से वे कतर, कुवैत और सऊदी अरब की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं.

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वे 20 देशों के समूह के एक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद हैम्बर्ग से लौटने के दौरान पत्रकारों से विमान में चर्चा कर रहे थे.

तुर्की के राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने कतर विवाद पर उन सभी नेताओं के साथ चर्चा की थी जो जिनके साथ उनकी जी -20 शिखर सम्मेलन में मुलाकात हुई थी – जिसमें अमेरिका और रूसी राष्ट्रपति शामिल है. उन्होंने सभी को बताया कि ये विवाद बातचीत के माध्यम से सुलझना चाहिए.

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एर्दोगान ने कुवैत के प्रयासों का उल्लेख किया और कहा कि उनके क्षेत्रीय दौरे को मध्यस्थता के प्रयास के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. उन्होंने कहा “इस यात्रा से मेरा मतलब है पार्टियों के बीच संवाद के पुनर्स्थापना में योगदान करना है.” गौरतलब रहें कि इस पुरे विवाद में कुवैत और कुछ हद तक ओमान मध्यस्थता कर रहा है.


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