सऊदी अरब सहित यूएई, यमन, बहरीन, और मिस्र द्वारा क़तर पर आतंकियों की मदद का आरोप लगाकर रिश्तें तोड़े जाने का विवाद सुलझा नहीं था कि अब तुर्की ने सयुंक्त अरब अमीरात (यूएई) पर सैन्य विद्रोह कराने का गंभीर आरोप लगाया है.

तुर्की के विदेशमंत्री चावूश ओग़लू ने कहा कि तुर्की में होने वाले सैन्य विद्रोह को सफल बनाने के लिए फ़ार्स की खाड़ी की सहकारिता परिषद के एक अरब देश ने 3 अरब डालर ख़र्च किये थे. जब तुर्की के विदेशमंत्री से यह पूछा गया कि उस देश का क्या नाम था तो उन्होंने कहा कि उसका नाम था संयुक्त अरब इमारात.

उन्होंने कहा कि इससे यूएई का उद्देश्य तुर्की की वर्तमान सरकार को गिराना था ताकि क्षेत्र में मुस्लिम ब्रदरहुड के विस्तार को रोका जा सके.

गौरतलब रहें कि  15 जुलाई 2016 को तुर्की में रजब तय्यब अर्दोग़ान की सरकार के विरुद्ध सशस्त्र सैन्य विद्रोह हुआ था. जो विफल हो गया था


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