सऊदी अरब की यात्रा के बाद माना जा रहा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के मुसलमानों के प्रति व्यवहार में बदलाव आएगा. लेकिन ऐसा होता नजर नहीं आ रहा है. ट्रम्प अब भी अमेरिका में मुस्लिम देशों के नागरिकों के प्रवेश को प्रतिबंधित करने पर आमदा है.

ट्रंप प्रशासन ने नौ न्यायाधीशों से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के छह मार्च के शासकीय आदेश की वैधता पर विचार करने की अपील की. प्रशासन ने प्रतिबंध पर राष्ट्रव्यापी रोक लगाने के के आदेश को चुनौती दी. न्याय विभाग ने नौ न्यायाधीशों वाली अदालत में दो आपात याचिकाएं दायर करके ट्रंप के शासकीय आदेश पर रोक लगाने वाले निचली अदालत के दो आदेशों को खारिज करने की मांग की.

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इसके बाद न्याय विभाग की प्रवक्ता सारा इस्गुर फ्लोरेस ने कहा, ”हमने सुप्रीम कोर्ट से इस अहम मामले की सुनवाई करने की अपील की है और हमें भरोसा है कि देश को सुरक्षित रखने और हमारे समुदायों को आतंकवाद से बचाने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप का यह शासकीय आदेश उनके कानूनी प्राधिकार क्षेत्र में है.”

उन्होंने कहा, ”राष्ट्रपति को आतंकवाद को प्रायोजित करने या आतंकवादियों को पनाह देने वाले देशों के लोगों को तब तक प्रवेश देने की आवश्यकता नहीं है, जब तक वह यह सुनिश्चित नहीं कर लेते कि उनकी उचित जांच हो सकती है और उनसे अमेरिका की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं है.”

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