म्यांमार में रोहिंग्या मुस्लिमों का जनसंहार लगातार जारी है. सयुंक्त राष्ट्र के मुताबिक़ 1000 से ज्यादा रोहिंग्या मुस्लिमों की मौत हो चुकी है तो वहीँ 270000 से ज्यादा रोहिंग्या मुसलमान बांगलादेश पलायन कर चुके है.

इसी बीच बड़ा खुलासा हुआ है. रोहिंग्या मुस्लिमों के जनसंहार के पीछे इजरायल का हाथ है. इजरायल ने केवल रोहिंग्या मुस्लिमों के कत्लेआम के लिए म्यांमार को हथियारों की सप्लाई कर रहा है बल्कि म्यांमार सेना को इस सबंध में ट्रेनिंग भी दे रहा है.

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हाल ही में इजरायल ने म्यांमार को बेचने वाले हथियारों में 100 से अधिक टैंक और हथियार दिए हैं. साथ ही सीमा पुलिस की मदद के लिए नौकाएं भी दी हैं. हथियारों की सप्लाई ऐसे वक्त में की जा रही है जबकि म्यांमार पर अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) ने हथियारों पर प्रतिबंध लगाया हुआ है. ये प्रतिबंध अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत लगाया गया है.

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इजरायल की और से ये ट्रेनिंग म्यांमार की स्पेशल फोर्स के जवानों को रखाइन इलाके में दी जा रही है, जहां सबसे अधिक रोहिंग्या मुस्लिम रहते हैं. रखाइन इलाके में ही रोहिंग्या मुस्लिमों के खिलाफ म्यांमार सेना का सैन्य अभियान जारी है.

25 अगस्त को शुरू हुए सैन्य अभियान के तहत 1000 से ज्यादा रोहिंग्या मुस्लिम मारे गए हैं. वहीं करीब 270000 भूखे और भयभीत रोहिंग्या बांग्लादेश के लिए पलायन कर चुके हैं. सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा कि म्यांमार सेना ने दर्जनों रोहिंग्या गांवों को जला दिया है.

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