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पश्चिमी अफ़्रीकी देश मोरक्को के गांव तदममेत में स्थित मस्जिद दुनिया भर में चर्चा का विषय बनी हुई है. दरअसल इस मस्जिद की वजह से इस गाँव के लोगो के घरों में उजाला हो रहा है.

दरअसल, एटलस पर्वतमाला से घिरे इस गांव में बिजली नहीं है. हाल ही में मस्जिद की छत पर सोलर पैनल लगाए गए हैं. इन सोलर पैनल से बनने वाली बिजली से न केवल मस्जिद में रौशनी हो रही है बल्कि पूरे गांव में इससे उजियारा हो रहा है.

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, तदममेत सूरज की बिजली से चलने वाला मोरक्को का पहला गांव है. मस्जिद में लगे फोटोवोल्ट सोलर पैनल से इतनी बिजली पैदा होती है कि गांव के सभी लोगों की ज़रूरतें पूरी हो जाती हैं.

ऐसे में अब मोरक्को हुकूमत ने देश में हज़ार से ज़्यादा मस्जिदों में सोलर पैनल लगाने का आदेश दिया है. हालांकि सरकार तीन साल पहले ग्रीन मस्जिद प्रोजेक्ट शुरू कर चुकी है. इस प्रोजेक्ट के तहत देश भर की 51 हज़ार मस्जिदों में बिजली की खपत कम की जानी है.

सोलर पैनल लगाने वाली जर्मन कंपनी के यान क्रिस्टॉफ़ कुन्ज का कहना है कि मस्जिदों की इमारतें पेचीदा नहीं होतीं. इनमें सोलर पैनल लगाना आसान होता है. इसलिए सबसे पहले मस्जिदों में ही ये काम शुरू किया गया है.

ध्यान रहे भारत की तरह मोरक्को ने भी पेरिस जलवायु समझौते पर दस्तख़त किए हैं. मोरक्को में सूरज की चमकदार रौशनी साल में क़रीब तीन हज़ार घंटे रहती है. ऐसे में  मोरक्को अपनी ज़रूरत की 52 फ़ीसद बिजली सूरज की रौशनी से बनाने में जुट गया है.


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