महिलाओं के धार्मिक स्थलों में प्रवेश को लेकर आंदोलन चला रही भूमाता ब्रिगेड की प्रमुख तृप्ति देसाई गुरुवार को मुंबई की हाजी अली की दरगाह में प्रवेश करने की कोशिश करेंगी. तृप्ति देसाई इससे पहले शनि शिंगणापुर मंदिर, फिर त्रयंबकेश्वर मंदिर और इसके बाद कोल्हापुर के महालक्ष्मी मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर आंदोलन को लेकर चर्चा में रही हैं.

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हाजी अली दरगाह ट्रस्ट के प्रवक्ता अब्दुल सत्तार ने स्पस्ट कह कि महिलाएं अगर बाहर तक आती हैं तो उन्हें कोई दिक्कत नहीं, लेकिन मज़ार तक महिलाओं का जाना ठीक नहीं है. उन्होंने आगे कहा “मज़ार पर तो अब भी महिलाएं जाती हैं लेकिन उन्हें मज़ार को छूने की इजाज़त नहीं है. इससे तो बुजुर्ग अपनी ज़िंदगी में भी औरतों को मना करते आये हैं.”

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उनके कहा, “इस्लाम के अनुसार औरतें बेपर्दा होकर घर से बिला वजह भी नहीं निकल सकती. अगर कोई औरत ऐसा करती है तो अल्लाह के भरोसे है.”

वर्ष 2011 तक औरतों के मज़ार पर जाने की बात पर वो सवालिया लहजे में कहते हैं कि अगर 2011 से पहले औरतें मज़ार पर जाती थीं तो जो ग़लती हो गई, उसे सुधारा नहीं जा सकता क्या?  “जो ग़लती की है क्या उसे ज़िंदगी भर करते रहें.

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