हाल ही में पश्चिम एशिया के लिए बनाए गए संयुक्त राष्ट्रसंघ के सामाजिक और आर्थिक आयोग ने एक रिपोर्ट प्रकाशित कर इस्राईल की सरकार को नस्लभेदी करार दिया था. लेकिन अमेरिका के दबाव में आकर सयुंक्त राष्ट्र ने फिलिस्तिनियों के उपर हो रहे जुल्म और अत्याचार को नजरअंदाज करते हुए इस रिपोर्ट को वापस ले लिया हैं.

हिज़्बुल्लाह आंदोलन के महासचिव सैयद हसन नसरुल्लाह ने संयुक्त राष्ट्रसंघ के इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ ने रिपोर्ट वापस लेकर यह सिद्ध कर दिया कि वह एक कमज़ोर और बेबस संस्था है. उन्होंने कहा कि  यह संस्था अमरीका के सामने झुक गयी है और उसमें सच्चाई का साथ देने का साहस नहीं है.

इस रिपोर्ट को वापस लेने के बाद UNESCWA की प्रमुख रीमा ख़लफ़ ने सयुंक्त राष्ट्र के महासचिव के आदेश पर कड़ी आपत्ति जताते हुए अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया. रीमा ख़लफ ने रिपोर्ट जारी करने के बाद कहा था कि यह पहली बार है जब राष्ट्रसंघ से संबंधित संगठन ने इस्राईल को नस्लभेदी सरकार की संज्ञा दी है.

संयुक्त राष्ट्र संघ के पश्चिमी एशिया के आर्थिक व सामाजिक आयोग की प्रमुख रीम ख़लफ़ ने शुक्रवार को एक पत्रकार सम्मेलन में कहा कि UNESCWA की वेबसाइट से इस रिपोर्ट को हटाए जाने और राष्ट्र संघ द्वारा रिपोर्ट की सच्चाई के बारे में पीछे हटने के कारण वे अपने पद से त्यागपत्र दे रही हैं और महासचिव गुटेरस ने उनका इस्तीफ़ा स्वीकार कर लिया है.

उन्होंने कहा कि गुटेरस ने दबाव में आ कर रिपोर्ट के संबंध में अपनी नीति बदल दी है और यह बात सभी के लिए पूरी तरह से स्पष्ट है.


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment

Related Posts

loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें
SHARE