संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने म्यामांर को कड़ी फटकार लगाते हुए रखाइन प्रांत में सैन्य कार्रवाई को रोकने को कहा है. साथ ही कहा कि मुस्लिम रोहिंग्या शरणार्थियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करे

संयुक्त राष्ट्र की 15 सदस्यीय शक्तिशाली परिषद ने एक सर्वसम्मत बयान में मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए अपनी एजेंसियों एवं उनके सहयोगियों की सुरक्षित, निर्बाध पहुंच की मांग भी की है.

हालांकि इस दौरान चीन के वीटो के चलते ब्रिटेन और फ्रांस की और से तैयार मसौदा प्रस्ताव को लागू करने पर जोर नहीं दिया. इसदौरान संयुक्त राष्ट्र में ब्रिटेन के उप राजदूत जोनाथन एलेन ने कहा, ‘‘मानवीय स्थिति निराशाजनक है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम म्यामां की स्टेट काउंसलर आंग सान सू की को इस दिशा में कदम उठाता देखने के लिए उत्साहित हैं. ध्यान रहे बौद्ध बहुसंख्यक वाले म्यामांर में सुरक्षा बलों के कथित अत्याचारों से 6,00,000 लाख से अधिक रोहिंग्या मुस्लमान सीमा-पार कर बांग्लादेश जाने को मजबूर हो गए.

ये सब कुछ 25 अगस्त के बाद म्यांमार की सैन्य कार्रवाई से शुरू हुआ जिसमे सैकड़ों लोग मारे गए. इस सैन्य अभियान के जरिए म्यांमार पर रोहिंग्या गांवों में आग लगाने और रोहिंग्या लोगों को वहां से बेदखल करने के आरोप भी लगे है.


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