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राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के दौरान डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा सऊदी अरब को कई बार धमकी दी गई जिसमें उन्होंने सऊदी अरब के निर्यात तेल पर प्रतिबंध लगाने की बात कही थी. डॉनल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका को सऊदी अरब से सभी तरह के तेल निर्यात को ब्लॉक करना होगा.

हाल ही में सऊदी अरब के तेल मंत्री और ऑइल कंपनी अरामको के चेयरमैन खालिद अल-फालिह ने एक इंटरव्यू में कहा कि मुझे यकीन है कि अगर डॉनल्ड ट्रंप दिल से सोचेंगे तो उन्हें सऊदी अरब से होने वाले तेल के आयात के लाभ ही नजर आएंगे. उन्होंने कहा, मुझे यकीं हैं कि ऑइल इंडस्ट्री भी उन्हें यही सलाह देगी कि किसी भी ट्रेड में ब्लॉकिंग कोई अच्छा विकल्प नहीं है.’

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उन्होंने आगे कहा कि ‘अमेरिका खुद पूंजीवाद और खुले बाजार की व्यवस्था को अपनाता रहा है.’ ऐसे में अमेरिका खुद उस ग्लोबल इंडस्ट्री का मुख्य हिस्सा रहा है, जो आपस में जुड़ी हुई  है. और इसका सबसे बड़ा बाजार कच्चे तेल का ही है. ऐसे में मुक्त बाजार की व्यवस्था में समानता लाने से तेल मार्केट को सबसे अधिक फायदा होगा.

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इसके साथ ही उन्होंने ट्रम्प के चुनावी वादों की और इशारा करते हुए कहा कि हमें डॉनल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने का इंतजार था. उन्होंने चुनाव प्रचार में बड़े-बड़े वादे किये थे. उम्मीद हैं राष्ट्रपति बनने के बाद अब वह बदलेंगे.


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