palestine

अपनी ही जमीन पर गुलामों की जिंदगी जी रही फिलिस्तीनी अवाम के दुःख-दर्द को कम करने के लिए मिस्र ने एक बार फिर से मदद के हाथ बढ़ाते हुए तीन चरणीय योजना प्रस्तुत की हैं. इस योजना के तहत रफ़ह पास का पुनर्निर्माण, सीना क्षेत्र की स्थिति में बदलाव लाना और ग़ज़्ज़ा को गैस पहुंचाने वाले नेटवर्क में सुधार करना हैं.

इजराइल के अत्याचारों से त्रस्त फिलिस्तीनी अवाम पर जुल्म ढहाते हुए 2007 में ग़ज़्ज़ा पट्टी की नाकाबंदी की थी. जिसके कारण मिस्र को रहफ़ पास को बंद करना पड़ा जिससे स्थिति और भयानक हो गई. ऐसे में ग़ज़्ज़ा की जनता की समस्या को कम करने का एकमात्र रास्ता रफ़ह पास ही हैं. हाल ही में अब मिस्र ने रफ़ह पास को खोलने का विचार किया हैं.

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इस्राईल द्वारा ग़ज़्ज़ा की नाकाबंदी से गज्ज़ा की 43 फ़ीसद जनसँख्या बेरोजगार हैं और युवाओं में बेरोजगारी की दर 60 फ़ीसद है जो दुनिया में किसी एक क्षेत्र में बेरोज़गारी का सबसे बड़ा आंकड़ा है. वर्ष 2000 में ग़ज़्ज़ा की 30 फ़ीसद आबादी निर्धनता रेखा के नीचे ज़िन्दगी गुज़ार रही थी जबकि 2016 में ग़ज़्ज़ा की 80 फ़ीसद जनता निर्धनता रेखा के नीचे जीवन गुज़ारने पर मजबूर है.

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गौरतलब रहें कि फ़िलिस्तीन का विषय मिस्र सहित अरब जनमत के निकट अहमियत रखता है, ऐसे में सीसी सरकार का ये कदम मिस्र में उनकी सरकार की लोकप्रियता में भी सहायक होगा.


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