डमास्कस. सीरीया के मडाया कस्बे के हालात दिन पर दिन खराब होते जा रहे हैं. 40 हजार आबादी वाले इस कस्बे के हालात अब ऐसे है कि यहां लोग कुत्ते, बिल्ली, मिट्टी और घास का सूप पीने को मजबूर हैं.

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अलजज़ीरा की एक रिपोर्ट के मुताबिक भुखमरी की कगार पर पहुंचे चुके इस कस्बे की स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि यहां लोगों ने भूख मिटाने के लिए घास और मिट्टी खाना शुरू कर दिया है. भुखमरी के साथ-साख कस्बे में बर्फबारी से भी लोगों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है.

अबु अबदुल रहमान नाम के एक स्थानीय निवासी का कहना है कि अब कस्बे में कोई बिल्ली या कुत्ता जिंदा नहीं बचा है. बल्कि भूख मिटाने के लिए पिछले कई दिनों से हम पेड़ों की पत्तियां खाने को मजबूर हैं.

इतना ही नहीं रिपोर्ट के मुताबिक, मां अपने 7 महीने के बच्चे को 10 दिन में सिर्फ एक बार दूध पिलाती है और बाकि दिन उसे नमक और पानी पिलाती है. लोग अपनी ऊर्जा बचाने के लिए सिर्फ लेटे हैं. बता दें कि अक्टूबर 2015 से इस कस्बे में खाना नहीं पहुंचा है.

बता दें कि लेबनान की सीमा से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित इस कस्बे में में बीते साल जुलाई से ही विद्रोहियों और बसर-अल-असद सरकार के बीच संघर्ष चल रहा है. साभार: inkhabar


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