स्वीडन के आंतरिक मामलों के मंत्री एंडर्श यूगेमैन ने ऐलान किया है कि शरण मांगने वाले 80 हज़ार लोग जिनके आवेदन रद्द किए गए हैं, उन्हें निकाल दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि प्रवासियों को देश से बाहर करने के लिए चार्टर एयरक्राफ़्ट का इस्तेमाल किया जाएगा.

स्वीडिश मीडिया में उनके बयान के हवाले से कहा गया, ”हम 60 हज़ार लोगों की बात कर रहे हैं, जो 80 हज़ार तक हो सकते हैं.” साल 2015 में एक लाख 63 हज़ार लोगों ने स्वीडन से शरण मांगी थी, जो अब तक यूरोप में शरण का आवेदन करने वालों की सबसे बड़ी संख्या है. इनमें क़रीब 58,800 मामलों पर विचार किया गया और 55 फ़ीसद को स्वीकार कर लिया गया.

इससे पहले बुधवार को ग्रीस सरकार ने यूरोपीय आयोग की एक मसौदा रिपोर्ट में उस पर लगे आरोपों का जवाब दिया. इसमें कहा गया था कि ग्रीस यूरोप के वीज़ा मुक्त शेनगेन क्षेत्र की बाहरी सीमाएं सुरक्षित करने की ‘अपनी ज़िम्मेदारियों की गंभीर अनदेखी कर रहा है.’

ग्रीस सरकार की प्रवक्ता ओल्गा गेरोवासिली ने आयोग पर ‘आरोप प्रत्यारोप’ का खेल खेलने की बात कही. उन्होंने कहा कि आयोग ने पिछले साल ग्रीस में फंसे हज़ारों प्रवासियों के नई जगह पुनर्वास के कार्यक्रम पर अमल नहीं किया. इस समय यूरोप कड़ाके की सर्दी के बावजूद ग्रीस के तटों पर पहुँच रहे हजारों लोगों के गंभीर संकट का सामना कर रहा है. संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक़ इस साल अब तक 44 हजार प्रवासी ग्रीक द्वीपों पर पहुँचे हैं, जिनमें से 170 लोग मारे गए हैं.

इस हफ़्ते की शुरुआत में स्वीडन में प्रवासियों से जुड़ी हिंसा के कारण तनाव रहा. 15 साल के एक व्यक्ति को शरण की मांग के दौरान को गुटेनबर्ग के पास से गिरफ़्तार किया गया. इससे पहले एक 22 वर्षीय शरणार्थी शिविर के कर्मचारी पर क़ातिलाना हमला हुआ.

प्रवासी अधिकारियों के मुताबिक़ साल 2015 में 35,400 अवयस्क और अकेले प्रवासियों ने शरण मांगी, जो 2014 की तुलना में पांच गुना ज़्यादा हैं. साभार: बीबीसी हिंदी


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