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डेनमार्क के एक प्रसिद्ध स्कूल, स्कूल फॉर हेल्थ केयर एंड एजुकेशन में पढ़ने वाले शिक्षार्थी अब स्कूल के वक़्त इबादत और नमाज़ अदा नहीं कर सकते हैं. एडमिनिस्ट्रेशन का मानना है कि धर्म और पढाई एक साथ नहीं चल सकती हैं.

जिसके बाद एक मुस्लिम स्टूडेंट ने फेसबुक पर इसका फोटो पोस्ट करते हुए एडमिनिस्ट्रेशन के खिलाफ नाराज़गी जताई.
एक अंग्रेजी अखबार के अनुसार स्कूल के डायरेक्टर इंगर मरगरेथे जेन्सेन का कहना है कि “हम स्कूल के शिक्षार्थियों को याद दिल दे कि यह हमारे स्कूल के नियम और कानून है हम इसके पहले कुछ ऐसे मामलो में फंस चुके हैं जिसके बाद यह फैसला लेना बिलकुल सही हैं”.

“कुछ विद्यार्थी स्कूल के हॉल में एक प्रेयर रूम बनाना चाहते थे, मुस्लिम को प्रेयर के लिए काफी बड़ी और खुली जगह की ज़रुरत होती हैं. जिससे स्कूल में पढाई का वातावरण ख़राब होता, इसलिए पढाई और धर्म एक साथ नहीं हो सकते”

इसके बाद इंगे वॉलर, डिप्टी हेड ने एक अखबार मेट्रोएक्सप्रेस्स के ज़रिये बताया कि, ” यह कोई धर्म या जाती का सवाल नहीं हैं यह एक शैक्षिक संसथान हैं. हम कैओस अच्छा सीखे यहाँ उसके बारे में बतया जाता है और अच्छा तभी सीखेंगे जब हम आपसे में अचे से और स्वतन्त्रापूर्वक बात करेंगे”.

 

Web-Title: School banned prayer for student during school timing

Key-Words: School, Denmark, Ban, Prayer, religion


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