रिश्तें बहाली के लिए सऊदी अरब और उसके घटक देशों द्वारा कुवैत के जरिए विभिन्न मांगों की सवालों को सूची क़तर को सौंपी गई थी. जिसमे अल-जजीरा को बंद करने, क़तर में तुर्की सैन्य बैस को खत्म करने और ईरान से सभी रिश्तें तोड़े जाने सहित विभिन्न मांगे थी. क़तर ने इन सभी मांगों को खारिज कर दिया है.

इस सूची को लेकर क़तर प्रमुख  शेख सैफ बिन अहमद अल थानी ने बयान जारी कर कहा कि इस सुची का अवैध नाकाबंदी और आतंकवाद से मुकाबला करने का कोई लेना-देना नहीं है, यह कतर की सार्वभौमिकता को सीमित करना है, और हमारी विदेश नीति को आउटसोर्स करना है.

हाल ही में  अमेरिका के राज्य सचिव ने अवरुद्ध देशों को उन शिकायतों की एक सूची तैयार करने का आह्वान किया जो ‘उचित और कार्रवाई योग्य’ हो. कतर ने यह भी कहा कि वह मांगों की समीक्षा कर रहां है और कई अरब देशों से मांगों वाले दस्तावेज़ की प्राप्ति की पुष्टि के बाद एक आधिकारिक प्रतिक्रिया की तैयारी भी की जा रही है.

और पढ़े -   अमेरिकी कांग्रेस: भारत और चीन में होगा युद्ध, अमेरिका के भारत से मजबूत होंगे सामरिक संबंध

Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE